चिंता-मनी 17: समय पूर्व रिटायरमेंट का सही प्रबंधन कैसे करूं?
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अनुभवी सॉफ्टवेयर प्रोफेशनल ध्रुव राठी के रिटायर होने में अभी कुछ साल शेष थे, लेकिन कोरोना महामारी के कारण उन्हें पहले ही रिटायर होना पड़ा। वह इसके लिए न तो आर्थिक रूप से तैयार थे और न ही भावनात्मक रूप से। इस कारण वह दुखी और चिंतित हैं। अभी तक 56 साल के ध्रुव राठी के लिए पेशेवर और व्यक्तिगत स्तर पर कोई परेशानी नहीं थी। दो साल पहले उनके बच्चे नौकरी में चले गए और उनकी शादी भी हो गई। उन्होंने अपना होम लोन चुकता कर दिया और अब रिटायरमेंट के लिए पैसे जमा करने के बारे में सोच ही रहे थे।
वह एक सॉफ्टवेयर फर्म में पिछले एक दशक से काम कर रहे थे। लेकिन महामारी के असर के कारण पिछले छह महीने से उनकी कंपनी कर्मचारियों की छंटनी के बारे में सोच रही थी। अनेक कंपनियों ने छंटनी शुरू की है, और ज्यादातर मामलों में ध्रुव राठी की तरह 50 या उससे अधिक उम्र के लोगों को समय से पहले रिटायरमेंट के प्रस्ताव दिए जा रहे हैं। ध्रुव राठी के साथ जो हुआ, वह दुर्भाग्यजनक है, लेकिन अगर आप किसी ऐसी कंपनी में हैं, जो आपको निकालने के बारे में सोच रही है, तो ज्यादा संभावना यही है कि आपकी आय अचानक से बंद नहीं होगी।
आपको कंपनी की तरफ से सेवेरेन्स (विच्छेद) पैकेज के तौर पर एकमुश्त राशि या अगले तीन या छह महीने तक मासिक भुगतान किया जाएगा, भले ही आपने उससे बहुत पहले काम क्यों न छोड़ दिया हो। यह आपके हित में है कि इस वास्तविकता को स्वीकार करते हुए अपने डील का मूल्यांकन करें।
सेवेरेन्स पैकेज
कई कंपनियां कर्मचारियों की वरिष्ठता और नौकरी में उनकी सेवा के आधार पर सेवेरेन्स पैकेज तय करती हैं, जो सख्त होते हैं, और जिनमें किसी तरह के मोल-भाव की गुंजाइश नहीं होती। अभूतपूर्व परिस्थितियों के कारण ही कंपनियां सेवेरेन्स पॉलिसी घोषित करती हैं। इसलिए अगर आपके सामने इस तरह का प्रस्ताव आता है, तो इसका विरोध न करें, बल्कि इस पर गंभीरतापूर्वक विचार करें कि आपको क्या मिल रहा है। आप किसी संस्थान से नहीं लड़ सकते, इसलिए सुझाव यही है कि इसे कानूनी तौर पर चुनौती देने के बारे में न सोचें।
इसके बजाय इस पर नजर रखें कि पैकेज में आपको क्या प्रत्यक्ष या परोक्ष आर्थिक लाभ मिल रहे हैं। आपको जितने महीने का वेतन दिया जा रहा है, वह प्रत्यक्ष आर्थिक लाभ है। जबकि बीमा या पेंशन सुविधा परोक्ष आर्थिक लाभ है। अमूमन कंपनियां ऐसे पैकेज के बारे में समझाने के लिए विशेषज्ञ या वार्ताकार मुहैया कराती हैं। आप इसका लाभ उठाएं और सभी तथ्यों के बारे में अपनी जिज्ञासा शांत करने के लिए सवाल पूछें। उदाहरण के लिए, अगर आप कंपनी द्वारा मुहैया कराए गए किसी ग्रुप लाइफ ऐंड हेल्थ इंश्योरेंस का हिस्सा हैं, तो पता करें कि आप इसके लाभार्थी बने रहेंगे या नहीं, और इसके लिए आपको प्रीमियम चुकाना पड़ेगा या यह आपके सेवेरेन्स पैकेज का हिस्सा है।
अपने एकाउंटेंट की मदद से इस पैकेज की टैक्स देनदारी को समझें और वे कदम उठाएं, जिससे आपको टैक्स कम देना पड़े। सबसे जरूरी बात यह कि इस पैकेज में यह देखें कि इसमें भविष्य में रोजगार देने का कोई प्रावधान है या नहीं, क्योंकि कुछ कंपनियों में कर्मचारियों द्वारा निकलने के बाद प्रतिद्वंद्वी कंपनी में काम करने या अपना काम शुरू करने की स्थिति में दोबारा रोजगार देने के लिए कुछ महीने या साल के एम्बार्गो या समयांतराल का प्रावधान रहता है। यह भविष्य की आपकी रोजगार संभावना को प्रभावित कर सकता है।
यह देखें कि आप कंपनी में बतौर कंसल्टेंट काम कर सकते हैं या नहीं, इससे आपको वैकल्पिक रोजगार ढूंढने में मदद मिलेगी। ध्रुव राठी के साथ अच्छी बात यह है कि आर्थिक मोर्चे पर उनकी कोई जिम्मेदारी नहीं है। चूंकि उनकी चार साल की नौकरी अभी थी, ऐसे में, वह ऑनलाइन या दूसरे तरीके से रोजगार के किसी दूसरे स्रोत की संभावना तलाश सकते हैं। समय से पहले रिटायरमेंट आपके लिए चेतावनी है कि अपनी बचत को बेहद सावधानी से खर्च करें। यह सुनिश्चित करें कि आपका और आपकी पत्नी का स्थायी हेल्थ इंश्योरेंस हो।