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निवेश के मंत्र 62: मोरेटोरियम का लाभ लिया है तो लोन ट्रांसफर में होगी मुश्किलें
Wed, 12 Aug 2020 05:01 AM IST
संजीव कुमार झा
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: संजीव कुमार झा
Updated Wed, 12 Aug 2020 05:01 AM IST
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- फोटो : pixabay
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कोविड-19 महामारी से प्रभावित कर्जधारकों ने अगर ईएमआई मोरेटोरियम योजना का लाभ उठाया है तो उन्हें लोन ट्रांसफर में मुश्किल आ सकती है। बैंक ग्राहक के पूंजी संकट को देखते हुए लोन ट्रांसफर आवेदन खारिज कर सकते हैं।
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बैंकबाजार डॉटकाम के अनुसार, होम लोन जैसी लंबी अवधि वाले कर्ज को ग्राहक कम ब्याज के लिए अक्सर दूसरे बैंक में ट्रांसफर (स्विच) कराते हैं। आरबीआई ने महामारी और लॉकडाउन के संकट को देखते हुए मार्च से अगस्त तक छह महीने का मोरेटोरियम दिया था।
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जिन ग्राहकों के पास लोन चुकाने के लिए पूंजी की कमी थी, उन्होंने इस सुविधा का लाभ उठाया है। ऐसे ग्राहक अगर किसी अन्य बैंक में लोन स्विच कराने का आवेदन करते हैं, तो इसे खारिज किया जा सकता है। दरअसल, बैंक को लगता है कि मोरेटोरियम लेने वाले कर्जधारक के पास पर्याप्त फंड नहीं है और भविष्य में उसकी कर्ज चुकाने की क्षमता प्रभावित हो सकती है। अगर ग्राहक बैंक को भुगतान के बारे में संतुष्ट नहीं कर पाता तो उसका आवेदन स्वीकृत होने की उम्मीद काफी कम हो जाती है।
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लोन ट्रांसफर रोकने का नियम नहीं
फेडरल बैंक के वरिष्ठ उपाध्यक्ष बाबू केए का कहना है कि मोेरेटोरियम का लाभ सामान्य तौर पर उसी ग्राहक ने लिया है जिसके पास नकदी समस्या है। चूंकि, लोन अप्रूवल के लिए पर्याप्त भुगतान क्षमता और आय स्रोत की जरूरत होती है। लिहाजा मोरेटोरियम के बाद नए कर्जदाता इस पर ज्यादा सावधानी बरतेंगे। हालांकि, ग्राहक को लोन स्विच कराने से रोकने का कोई नियम नहीं है, लेकिन बैंक अपने जोखिमों को देखते हुए इससे इनकार कर सकते हैं। अगस्त में मोरेटोरियम खत्म होने के बाद छह महीने की किस्त जुड़ने से ईएमआई और ब्याज का बोझ बढ़ सकता है। लिहाजा अधिकतर ग्राहक अपने बैलेंस को ट्रांसफर कराने की कोशिश करेंगे।
कुछ महीने ईएमआई भरने के बाद करें आवेदन
बाजार विश्लेषकों का कहना है कि ग्राहकों को मोरेटोरियम समाप्त होने के बाद कुछ महीने ईएमआई चुकानी चाहिए। उसके बाद ही लोन ट्रांसफर का आवेदन दूसरे बैंक में करना चाहिए। इससे नए कर्जदाता का ग्राहक की भुगतान क्षमता पर भरोसा बढ़ जाएगा। कर्ज के नियमित भुगतान से लोन स्विच कराने की संभावना बढ़ जाएगी। हालांकि, इसके बाद भी अगर कर्ज चुकाने में दिक्कत आती है तो ग्राहक अपने लोन का पुनर्गठन करा सकते हैं। आरबीआई ने कहा है कि जो 1 मार्च, 2020 तक अपने कर्ज का नियमित भुगतान करते रहे हैं, वे मोरेटोरियम समाप्त होने के बाद पुनर्गठन करा सकते हैं।