निवेश के मंत्र 5: तनख्वाह कटने पर भी खर्च और बचत में कैसे बैठाएं तालमेल
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कोरोना महामारी को फैलने से रोकने के लिए देश में 25 मार्च से तीन मई तक लॉकडाउन घोषित किया गया है। लॉकडाउन की अवधि बढ़ाने के बाद भी भी भारत में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
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कोरोना महामारी को फैलने से रोकने के लिए देश में 25 मार्च से तीन मई तक लॉकडाउन घोषित किया गया है। लॉकडाउन की अवधि बढ़ाने के बाद भी भी भारत में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
कोरोना से ना सिर्फ संक्रमितों की संख्या बढ़ रही है, बल्कि इससे अर्थव्यवस्था को भी काफी नुकसान हुआ है। देश में पर्यटन सेक्टर पर गहरा असर पड़ा है। साथ ही मैन्युफैक्चरिंग और उत्पादन रुकने से कई मजदूर सड़कों पर आ गए हैं और कई छोटे व्यापार भी लॉकडाउन की चपेट में आकर बंद हो गए।
लॉकडाउन की वजह से कई उद्योगों को बड़ा नुकसान हुआ है, जिससे कंपनियों ने कर्मचारियों की छंटनी शुरू कर दी और कुछ कंपनियां कर्मचारियों के वेतन में भी कटौती कर रही हैं। हालांकि प्रधानमंत्री ने कंपनियों से वेतन ना काटने और लोगों को नौकरी से ना निकालने की अपील की है। सैलरी कटने से लोगों की बचत पर असर ना पड़े, इसके लिए जानते हैं कि आपको कैसे खर्च और बचत में तालमेल बैठाना चाहिए...
जरूरत और चाहत में अंतर करें
जो चीज चाहत को पूरी करने के लिए खरीदी जाती है, उसका ज्यादा इस्तेमाल नहीं होता लेकिन जरूरतमंद की जैसी हमेशा इस्तेमाल में लाई जाती हैं। उदाहरण के तौर पर समझिए आपने अपने और परिवार के इस्तेमाल के लिए एक कार खरीदी।
कुछ दिनों बाद ज्यादा पैसा होने की वजह से आपने घर के सभी सदस्यों के लिए कार खरीद ली। अगर खर्चों में कमी करनी है और बचत करनी है तो पहले जरूरत की चीजों की लिस्ट बनानी होगी और उसके हिसाब से खर्च करना होगा।
खर्च से पहले बचत जरूरी
बचत तभी संभव है जब खर्चों से पहले बचत का हिस्सा अलग निकाल दिया जाए। ऐसा कहा जाता है कि अपनी सैलरी का 20-30 फीसद हिस्सा पहले ही बचत के तौर पर अलग से निकाल के रख दें और उसके बाद जो राशि बचती है उससे अपने खर्चों को पूरा करें।
लंबी और छोटी अवधि के लिए लक्ष्य बनाएं
जब खुद से सवाल और गैर जरूरी चीजों को खरीदने से पहले नियंत्रण करना शुरू देंगे तो खर्च से पहले बचत करने में आसानी हो जाएगी। गैर जरूरी चीजों को बाद के समय में खरीदने के लिए छोड़ें और अभी संकट के दौर में जरूरी चीजों की खरीद पर ज्यादा जोर दें।
दूसरे स्रोत से होने वाली आय पर जोर
ऐसे में अगर एक जगह से वेतन मिलने में परेशानी हो रही है तो दूसरा कोई काम देख पैसे कमाया जा सकता है। ये अतिरिक्त कमाई भविष्य के लिए बचाई जा सकती है ताकि कोरोना जैसी महामारी से लड़ते समय इसे इस्तेमाल किया जा सके।
समय पर अपना कर्ज चुकाएं
फाइनेंशियल प्लानर हमेशा यही सलाह देते हैं कि अगर कोई कर्ज या लोन लिया हुआ है तो अपने खर्चों में कटौती करके पहले उस कर्ज की ईएमआई जरूर चुकाएं और उसके बाद बचे पैसों से खर्चा करें।
धैर्य रखें और सकारात्मक रहें
कोरोना महामारी से लड़ना सभी के लिए चिंताजनक स्थिति है लेकिन लोगों को इस समय सकारात्मक रहना और धैर्य रखना है ताकि ये लड़ाई आप पर हावी ना हो। ध्यान रखें कि समय हमेशा एक जैसा नहीं होता है। आज कोरोना बीमारी से देश बंद है लेकिन एक दिन ये सब खत्म हो जाएगा।