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परेशानी में भी डाल सकता है भारी बैंक बैलेंस
नई दिल्ली/अजीत सिंह
Updated Mon, 22 Jul 2013 12:04 AM IST
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नियमित आय के बगैर भारी बैंक बैलेंस रखना आपको आयकर का नोटिस भिजवा सकता है। मुआवजे या प्रॉपर्टी की बिक्री से मिली रकम को अलग-अलग बैंक खातों में रखकर टैक्स बचाने वालों पर आयकर विभाग ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है।
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इस साल अब तक दो लाख से ज्यादा आयकर नोटिस भेजे जा चुके हैं। बैंक एफडी या बचत खाते पर मिले ब्याज के आधार पर ऐसे लोगों को भी आयकर के नोटिस भेजे जा रहे हैं, जिन्होंने फार्म 15जी या 15एच भरकर अपनी आमदनी कर सीमा से कम होने का दावा किया है।
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इनकम टैक्स पोर्टल टैक्सस्पैनरडॉटकॉम के सीएफओ सुधीर कौशिक बताते हैं कि उनके पास ऐसे कई केस आए हैं, जिनमें बैंक में जमा रकम के आधार पर ऐसे ग्रामीणों को आयकर रिटर्न भरने को कहा जा रहा है, जिन्होंने जीवन में कभी रिटर्न नहीं भरा और न ही उनकी कोई नियमित आय है।
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ऐसे लोगों के खातों में अच्छी खासी रकम जमा है, लेकिन उन्होंने बैंक को फॉर्म 15जी या 15एच देकर अपनी आय टैक्स कटौती की सीमा से कम बताई थी।
इस फॉर्म के जरिए खाताधारक यह घोषणा करता है कि उनकी करयोग्य आय दो लाख रुपये की कर सीमा से कम है इसलिए उसे मिलने वाले ब्याज पर टीडीएस न काटा जाए।
इस सुविधा के बढ़ते दुरुपयोग को देखते हुए आयकर विभाग ने फार्म 15जी और 15एच का दावा कर टैक्स छूट लेने वालों की पड़ताल शुरू कर दी है। इसलिए आपको सोच-समझ कर इन फार्मों के जरिए टैक्स छूट का दावा करना चाहिए।
आयकर विभाग का खुफिया और अपराध जांच निदेशालय अलग-अलग बैंक शाखाओं में एफडी या बचत खातों के जरिए टैक्स छिपाने वालों को नोटिस भेज रहा है।
आईटी तकनीक के जरिए बड़े पैमाने पर टैक्स चोरी के मामले पकड़ में आ रहे हैं। डेटा माइनिंग के जरिए टैक्स चोरी का पता लगाने के लिए आयकर विभाग टीडीएस व आईटी रिटर्न के सेंट्रल प्रोसेंसिंग सेंटरों की मदद ले रहा है।
टीडीएस कटा तब भी रिटर्न जरूरी
नौकरीपेशा और बिजनेस करने वाले लोगों के लिए आयकर रिटर्न भरने की आखिरी तारीख 31 जुलाई नजदीक आ रही है। अगर आपकी कुल करयोग्य आय 2 लाख रुपये, वरिष्ठ नागरिकों के लिए ढाई लाख रुपये की कर छूट सीमा से ज्यादा है तो आपको रिटर्न जरूर भरना चाहिए।
सीए अमित माहेश्वरी के मुताबिक यह मानना भूल होगी कि आपकी आय पर टीडीएस काटा जा चुका है या फिर टैक्स बनता ही नहीं है, इसलिए रिटर्न भरने की करने की जरूरत नहीं है। आयकर विभाग टीडीएस कटौती और बैंक खातों की जानकारी के आधार पर रिटर्न न भरने वालों की जानकारी जुटा रहा है।