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ग्रैच्युटी की सीमा 10 से हुई 20 लाख, सरकार ने माना प्रस्ताव

Wed, 01 Mar 2017 03:40 PM IST
amarujala.com- written by: अनंत पालीवाल
amarujala.com- written by: अनंत पालीवाल Updated Wed, 01 Mar 2017 03:40 PM IST
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Gratuity increased by 10 lakh rupees as epfo proposal accepted by government

अब पांच साल किसी संस्थान में नौकरी करने के बाद ग्रैच्युटी 10 लाख रुपये बढ़कर मिलेगी। इसके लिए सरकार ने केंद्रीय भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) के इस प्रस्ताव पर अपनी सहमति दे दी है। अब इसको लागू कब से किया जाएगा, इस पर सरकार विधानसभा चुनावों के बाद फैसला लेगी।

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इसके साथ ही ईपीएफओ ने सरकार को ग्रैच्युटी ट्रांसफर करने के प्रस्ताव को हरी झंडी नहीं दी है। सरकार का कहना है कि वो इस संबंध में राय लेकर फैसला करेगी, क्योंकि इसके लिए ग्रैच्युटी एक्ट में बदलाव करना पड़ेगा। 
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सरकार करेगी ग्रैच्युटी एक्ट में बदलाव करने पर विचार

INTUC के  प्रेसीडेंट और ईपीएफओ सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज के सदस्य डॉ. जी संजीव रेड्डी ने amarujala.com को फोन पर बताया कि ईपीएफओ की तरफ से सरकार को ग्रैच्युटी ट्रांसफर करने के लिए प्रस्ताव दिया गया था, जिसको सरकार ने फिलहाल तो अपनी हरी झंडी नहीं दी है, लेकिन विचार करने की मांग को मान लिया है।
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सरकार का कहना है कि इसके लिए संसद के दोनों सदनों में संशोधन के लिए बिल रखना होगा, जो कि फिलहाल नहीं हो सकता है। इसके लिए सभी पक्षों और कानून मंत्रालय से विचार करके फैसला लिया जाएगा। अगर संसद से इस तरह का कोई बिल पास हो जाता है तभी इसका फायदा प्राइवेट सेक्टर में काम करने वाले लोगों को मिलेगा। 

ग्रैच्युटी की सीमा बढ़ाने के प्रस्ताव को मिली मंजूरी

Gratuity increased by 10 lakh rupees as epfo proposal accepted by government
employee

हालांकि सरकार ने ईपीएफओ बोर्ड द्वारा एक अन्य प्रस्ताव को अपनी मंजूरी दे दी है, जिसमें ग्रैच्युटी की सीमा को बढ़ाना था। संजीव रेड्डी ने कहा कि अब लोगों को पांच साल लगातार एक संस्थान में नौकरी करने पर 20 लाख रुपये ग्रैच्युटी मिला करेगी।

पहले यह सीमा 10 लाख रुपये थी। ग्रैच्युटी का पैसा कंपनी कर्मचारी की सीटीसी(कॉस्ट टू कंपनी ) से काटती है। यह पैसा कर्मचारी को तब मिलता है, जब वो पांच साल नौकरी करता है। अगर पांच साल से पहले कोई नौकरी छोड़ देता है, तो उसको इसका लाभ नहीं मिलता है।

सरकार मानसून सत्र में ला सकती है संशोधन बिल

ईपीएफ के अन्य सदस्यों ने बताया कि केंद्र सरकार मानसून  सत्र में ग्रैच्युटी एक्ट में बदलाव करने के लिए बिल मानसूत्र में लेकर के आ सकती है। इसके लिए सरकार और श्रम मंत्रालय अभी कानून मंत्रालय से राय लेगी, जिसके बाद इस पर फैसला लिया जाएगा।

अगर लोगों को फंड ट्रांसफर की सुविधा मिल जाती है, तो वो पांच साल में ग्रैच्युटी के फायदों का पूरी तरह से लाभ ले सकेंगे। 

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