फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   Personal Finance ›   government stops printing of big currency notes, focus on small currency

केंद्र सरकार ने बंद की 2000 के नोटों की छपाई, अब फोकस में केवल छोटे करेंसी नोट

Mon, 07 May 2018 11:07 AM IST
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Mon, 07 May 2018 11:07 AM IST
विज्ञापन
government stops printing of big currency notes, focus on small currency
2000 notes

केंद्र सरकार ने नोटबंदी के बाद शुरू किए गए 2000 रुपये के नोट की छपाई को रोक दिया है। सरकार का पूरा फोकस अब छोटी करेंसी नोटों को छापने पर है, क्योंकि लोगों के लिए यह काफी सुविधाजनक है।

विज्ञापन


वित्त मंत्रालय में आर्थिक मामलों के सचिव  सुभाष चंद्र गर्ग का कहना है कि भारत में 500, 200 और 100 रुपये मूल्य के नोट लेन-देन में लोगों को किसी तरह की टेंशन नहीं देता है और यही वजह है कि इनकी मांग भी बढ़ती जा रही है। 
विज्ञापन


पर्याप्त संख्या में 2 हजार के नोट
उन्होंने कहा कि इस समय 2000 के 7 लाख करोड़ रुपये मूल्य के नोट चलन में हैं, जो कि पर्याप्त से अधिक हैं और इसलिए 2000 रुपये के नए नोट जारी नहीं किए जा रहे हैं। 500, 200 और 100 रुपये के नोट लोगों के बीच लेन-देन का माध्यम है।
विज्ञापन
विज्ञापन


लोग 2000 रुपये के नोट को लेन-देन में बहुत सुविधाजनक नहीं मानते। 500 रुपये के नोटों की सप्लाइ पर्याप्त रूप से की जा रही है। हमने उत्पादन को प्रतिदिन 2,500-3000 करोड़ रुपये तक बढ़ा दिया है।

आरबीआई बढ़ा रहा है सिक्युरिटी फीचर्स

government stops printing of big currency notes, focus on small currency

गर्ग ने कहा कि रिजर्व बैंक करेंसी नोटों की सिक्युरिटी फीचर्स को बढ़ा रहा है ताकि नकल न हो। पिछले 2.5 साल में देश में हाई क्वॉलिटी के नकली नोटों के मामले न के बराबर सामने आए हैं लेकिन रिजर्व बैंक नए फीचर्स की तलाश और अमल में लाने में जुटा रहता है।

85 फीसदी एटीएम में है पैसा
आर्थिक मामलों के सचिव सुभाष चंद्र गर्ग ने कहा कि उन्होंने पिछले सप्ताह देश में कैश की हालातों का जायजा लिया है और 85 फीसदी एटीएम काम कर रहे हैं। कुल मिलाकर देश में कैश की उपलब्धता काफी सामान्य है।ब्याज दरों में तेजी आने के उम्मीदों पर उन्होंने कहा कि इकोनॉमी के फंडामेंटल अभी ऐसे नहीं है कि ब्याज दरों में बढ़ोतरी की जाए। 

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Budget 2022 से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed