मोबाइल बैंकिंग और एम-वॉलेट में फर्क

नई दिल्ली/कारोबार डेस्क Updated Mon, 17 Dec 2012 10:41 AM IST
difference between mobile banking and m-wallet
मोबाइल बैंकिंग में जहां आप सिर्फ अपने बैंक खाते के जरिए लेन-देन कर सकते हैं, वहीं मोबाइल वॉलेट सेवा के लिए आपको किसी बैंक खाते की जरूरत नहीं है। यह आपके मोबाइल फोन कनेक्शन के माध्यम से काम करता है जबकि मोबाइल बैंकिंग के लिए इंटरनेट होना जरूरी है।

मोबाइल वॉलेट से आप अपना फोन तो रिचार्ज कर ही सकते हैं, साथ ही बिलों का भुगतान भी कर सकते हैं। जिस तरह से आप बैंक या एटीएम से पैसा निकालकर अपने बटुए में रखते हैं, उसी तरह मोबाइल वॉलेट में पैसा भरने के लिए आपको वॉलेट सर्विस प्रोवाइडर के पास जाकर पैसा जमा करना होता है। यह काम प्री-पेड फोन को रिचार्ज करने की तरह है। फर्क यह है कि जमा पैसे का इस्तेमाल आप मोबाइल सेवाओं के अलावा खरीदारी, बिलों के भुगतान, टिकट बुक कराने और मनी ट्रांसफर के लिए भी कर सकेंगे।

महंगा पड़ता है एम-वॉलेट
मोबाइल बैंकिंग और मोबाइल वॉलेट सेवा के लिए आपको हरेक लेन-देन पर कुछ तय शुल्क देना पड़ता है जो सेवा प्रदाता कंपनियों के हिसाब से अलग-अलग हो सकता है। मसलन, 500 रुपये तक के लेन-देन पर 5 रुपये और 10 हजार तक के लेन-देन पर 10 रुपये का शुल्क लगता है। मोबाइल वॉलेट में जहां इंटरनेट का कोई खर्चा नहीं है, वहीं मोबाइल बैंकिंग के लिए इंटरनेट होना जरूरी है।

दिलचस्प आंकड़े हैं मोबाइल बैंकिंग के
-अमेरिका में 57 फीसदी स्मार्टफोन धारक मोबाइल बैंकिंग फीचर्स का इस्तेमाल करते हैं। मोबाइल बैंकिंग सेवाओं का इस्तेमाल करने वाले 80 फीसदी उपभोक्ता स्मार्टफोन रखते हैं। 2010 से इसमें 55 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है।

- 90 फीसदी मोबाइल बैंकिंग यूजर बैलेंस और हालिया लेनदेन चेक करने के लिए अपने डिवाइस का इस्तेमाल करते हैं।  

- 42 फीसदी स्टैंडर्ड मोबाइल फोन धारकों के मुकाबले 59 फीसदी अमेरिकी स्मार्टफोन धारक मास्टरकार्ड के जरिए मोबाइल भुगतान को भरोसेमंद मानते हैं। 

- 62 फीसदी स्टैंडर्ड मोबाइल फोनधारकों की तुलना में 73 फीसदी अमेरिकी स्मार्टफोन धारक अपने मौजूदा बैंक के साथ मोबाइल पेमेंट्स को भरोसेमंद मानते हैं। 

- 2011 में मोबाइल वित्त सेवाओं के विज्ञापन पर व्यय में 300 फीसदी की बढ़ोतरी हुई। 

- ग्लोबल इंडस्ट्री एनॉलिस्ट (जीआईए) का अनुमान है कि 2015 तक मोबाइल बैंकिंग सेवाएं लेने वाले ग्राहकों की संख्या बढ़कर 1.1 अरब पहुंच जाएगी।

- वर्तमान में हुए कई सर्वेक्षणों में 27 फीसदी लोग मोबाइल बैंकिंग का इस्तेमाल करते हैं। इनमें 13 फीसदी एम-कॉमर्स, 11 फीसदी मोबाइल कूपंस और 9 फीसदी मोबाइल पेमेंट्स के लिए इस सेवा का लाभ उठाते हैं। 

- ग्लोबल इंडस्ट्री एनॉलिस्ट का मानना है कि ग्राहक संख्या के आधार पर एशिया-प्रशांत क्षेत्र मोबाइल वित्त सेवाओं के सर्वाधिक मजबूत बाजार के रूप में उभरेगा।

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