{"_id":"2686d959d6d51687077110e289139638","slug":"credit-cards-benefit","type":"story","status":"publish","title_hn":"क्रेडिट कार्ड: समझदारी से इस्तेमाल में हैं फायदे ही फायदे","category":{"title":"Personal Finance","title_hn":"पर्सनल फाइनेंस","slug":"personal-finance"}}
क्रेडिट कार्ड: समझदारी से इस्तेमाल में हैं फायदे ही फायदे
अमर उजाला, दिल्ली
Updated Mon, 30 Sep 2013 12:04 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बढ़ती आमदनी, खर्च करने की प्रवृति और ऑनलाइन खरीदारी के दिन-ब-दिन बढ़ते विकल्प से देश में क्रेडिट कार्ड का बाजार तेजी से बढ़ रहा है।
विज्ञापन
अब ईएमआई ट्रांजेक्शन का मसला हो या मोबाइल या अन्य जरूरी बिलों के भुगतान की बात, चाहें शॉपिंग करें या देश-विदेश की यात्रा क्रेडिट कार्ड ने हर एक की राह आसान बना दी है।
विज्ञापन
क्रेडिट कार्ड के जरिए भुगतान की सुविधा युवाओं में तेजी से लोकप्रिय हो रही है और इसका चलन भी बढ़ रहा है।
पिछले दो सालों में क्रेडिट कार्ड के बाजार में काफी बदलाव आ गए हैं। धीरे-धीरे हर तरह की खरीदारी या भुगतान के लिए क्रेडिट कार्ड का विकल्प बढ़ता जा रहा है।
विज्ञापन
फिलहाल देश में क्रेडिट कार्ड का बाजार 2 करोड़ का है। युवा वर्ग देश का सबसे बड़ा उपभोक्ता है।
भारत आबादी के मामले में 2030 तक चीन को भी पीछे छोड़ सकता है। इस स्थिति में रिटेल इंडिया का तेजी से विस्तार और बाजार में नए उपभोक्ताओं की संख्या बढ़ेगी।
इससे भुगतान या खरीदारी के लिए क्रेडिट कार्ड का चलन भी बढ़ेगा। ऐसे में क्रेडिट कार्ड जारी करने वाली कंपनियों के लिए आने वाले वर्षों में विस्तार की व्यापक संभावनाएं हैं।
ग्राहकों के शॉपिंग व्यवहार और लाइफस्टाइल का लेनदेन के तौर-तरीकों पर खासा असर होता है।
मसलन, आमदनी बढ़ने के साथ-साथ उपभोक्ताओं में ब्रांडेड अपैरल, मोबाइल और अन्य दूसरे इलेक्ट्रानिक गैजेट्स की खरीदारी के प्रति आकर्षण भी बढ़ रहा है।
इसी तरह, उपभोक्ताओं में देश-विदेश की यात्रा करने की प्रवृति भी बढ़ रही है। ऐसे में महंगी खरीदारी और महंगी यात्रा के चलते ग्राहकों के लेनदेन की वैल्यू भी बढ़ रही है और उपभोक्ता भुगतान के लिए ऑनलाइन पेमेंट चैनलों को अधिक से अधिक स्वीकार कर रहे हैं।
इससे क्रेडिट कार्ड या डेबिट कार्ड का चलन और उपयोगिता दोनों बढ़ रही है। दूसरी ओर, उपभोक्ताओं में क्रेडिट कार्ड के जरिए भुगतान पर रिवार्ड्स कार्यक्रमों के मिलने वाले फायदों के बारे में भी जागरूकता बढ़ रही है।
यही वजह है कि अब उपभोक्ता ऊंची रकम के भुगतान के लिए चेक की बजाय क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल कर रहे हैं ताकि वह रिवार्ड्स का लाभ उठा सकें।
जैसे, बीमा प्रीमियम का बहुतायत भुगतान चेक या अन्य तरीकों से किया जाता है लेकिन अब ग्राहकों में क्रेडिट कार्ड से प्रीमियम भुगतान की प्रवृति तेजी से बढ़ रही है क्योंकि बैंक क्रेडिट कार्डधारकों को सभी कैटेगरी के खर्चों पर भुगतान पर रिवार्ड्स उपलब्ध कराते हैं।
इस्तेमाल में बरतें यह सावधानियां:
--अलग-अलग बैंकों के ढेर सारे क्रेडिट कार्ड रखने की बजाय एक या दो बैंकों का कार्ड ही इस्तेमाल करना उचित होता है।
--क्रेडिट कार्ड स्वैप करने से पहले अपनी जेब और आने वाली सैलरी व नियमित खर्चों को जरूर ध्यान में रखना चाहिए।
--यदि बैंक आपको क्रेडिट लिमिट बढ़ाने के लिए कहता है, तो बिना आवश्यकता के क्रेडिट लिमिट न बढ़वाएं।
--क्रेडिट कार्ड का बिल सही समय पर भरें क्योंकि एक दिन की भी देरी आप पर अतिरिक्त बोझ डाल सकती है।
--अगर आपके पास पूरे बिल भरने के पैसे नहीं हैं, तो कम से कम न्यूनतम राशि जरूर जमा कर दें। न्यूनतम राशि वो राशि होती है, जिसके जमा करने के बाद बैंक आपसे लेट पेमेंट चार्ज नहीं लेता है। आपको सिर्फ ब्याज ही देना होता है।
--जितना हो सके बकाया भुगतान को आगे की तारीख के लिए न टालें।
--कोई भी नई खरीदारी करने से पहले पुराने बिल को अवश्य जमा करा देना चाहिए।
--अपने क्रेडिट कार्ड के स्टेटमेंट को नियमित रूप से चेक करें और यह सुनिश्चित करें कि आपके सारे ट्रांजेक्शन सही हैं।
--क्रेडिट कार्ड पर कर्ज सीमा के साथ कई अन्य सुविधाएं जैसे यात्रा बीमा, हवाई अड्डे की सुविधाओं का मुफ्त में फायदा उठाने का मौका आदि का प्रलोभन दिया जाता है। पहले आप यह सुनिश्चित करें कि क्या वाकई आपको इन सेवाओं की आवश्यकता है।