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बीमा पॉलिसी को भी समझें अपनी जरूरत
नई दिल्ली/कारोबार डेस्क
Updated Mon, 26 Nov 2012 11:06 AM IST
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बीमा पॉलिसी खरीदने से पहले सबसे जरूरी बात है अपनी आवश्यकताओं की पहचान करना। यानी, हमें किन आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए पॉलिसी लेनी है। आमतौर पर बीमा से दो लक्ष्य प्रत्यक्ष रूप से संबद्ध होते हैं, पहला जीवन बीमा कवर और दूसरा कवर के साथ-साथ निवेश।
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यदि आप निवेश के नजरिये से पॉलिसी लेने वाले हैं, तो यह उचित नहीं है। क्योंकि, इंश्योरेंस को निवेश नहीं समझ लेना चाहिए। बल्कि निवेश और बीमे को अलग-अलग रखना ही समझदारी है। सामान्यत: परंपरागत जीवन बीमा और हेल्थ इंश्योरेंस को लोग पर्याप्त समझते है, जबकि भविष्य की सुरक्षा के लिए टर्म जीवन प्लान भी जरूर लेना चाहिये। इसके तहत 8-10 हजार रुपये के प्रीमियम में आपको अच्छा खासा कवर मिल जाता है।
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खर्चों पर भारी न पड़ जाए प्रीमियम
अपनी जरूरतों को समझने के बाद यदि आपने पॉलिसी खरीदने का मन बना लिया है तो यह भी निर्धारित कर लें कि बीमा कितने का कराया जाए। क्योंकि, कहीं ऐसा न हो कि आपने बिना समुचित गणना किए बीमा करा लिया और भविष्य में उसके प्रीमियम की अदायगी आपकी रोजमर्रा के खर्चों, जिम्मेदारियों आदि को पूरा करने में मुश्किलें पैदा कर दे।
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कहने का मतलब यह कि भविष्य में होने वाले खर्चों, जिम्मेदारियों, इमरजेंसी फंड की गणना कर ही बीमे की राशि तय करनी चाहिए। अपने जीवन के मूल्य का आकलन करने के लिए आप ह्यूमन लाइफ वैल्यू कैलकुलेटर का इस्तेमाल कर सकते हैं।
भरोसे का हो आपका बीमा एजेंट
बीमा पॉलिसी जिस बीमा एजेंट से खरीदने जा रहे हैं, उसकी पड़ताल पहले कर लें कि वह भरोसेमंद है और पॉलिसी आपकी जरूरतों के अनुरूप है न कि एजेंट की कमीशन के अनुरूप। अमूमन बीमा एजेंट अधिक कमीशन वाली पॉलिसियों को बढ़ा चढ़ाकर उपभोक्ताओं के सामने रखते हैं, जिसके चलते उनके सामने भ्रम की स्थिति पैदा हो जाती है।
ऐसे में जब भी आपको एजेंट की बातों में कुछ संदेह या असमंजस की स्थिति पैदा हो तो सीधे बीमा कंपनी से जानकारी हासिल कर सकते हैं। आमतौर पर देखा जाता है कि बीमा एजेंट इंश्योरेंस के साथ-साथ यूलिप उत्पाद और म्यूचुअल फंड भी बेचते हैं। ऐसे में यह शिकायत आम है कि एजेंट यूलिप उत्पाद और म्यूचुअल फंड को बेचने पर अधिक जोर देते हैं। इसलिए, बीमा एजेंट का चयन भी एक अहम निर्णय है।
समय-समय पर जानें पोर्टफोलियो का हाल
अपने और अपने परिवार के लिए इंश्योरेंस पोर्टफोलियो बना लेना ही महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि उसकी समय-समय पर खोज खबर यानी समीक्षा करना भी जरूरी है। क्योंकि, समय के साथ-साथ आपकी जरूरतें और जिम्मेदारियां बढ़ जाती हैं और उनके लिहाज से इंश्योरेंस पोर्टफोलियो में बदलाव करना जरूरी है।