फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   Personal Finance ›   Card, online payments made safer. bank customers liability cut, RBI issued guidelines

कार्ड और ऑनलाइन पेमेंट होंगे सेफ, फ्रॉड के खिलाफ RBI ने जारी की नई गाइडलाइंस

Fri, 07 Jul 2017 11:47 AM IST
amarujala.com- Presented by: ऋतुराज त्रिपाठी
amarujala.com- Presented by: ऋतुराज त्रिपाठी Updated Fri, 07 Jul 2017 11:47 AM IST
विज्ञापन
Card, online payments made safer. bank customers liability cut, RBI issued guidelines
आरबीआई गवर्नर उर्जित पटेल (फाइल फोटो)

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने बैंक कस्टमर्स के लिए कार्ड या ऑनलाइन फ्रॉड के मामले में शून्य और सीमित देयता के कॉन्सेप्ट की शुरुआत की है। इसका फायदा बैंक ग्राहकों को मिलेगा। केंद्रीय बैंक ने सभी बैंकों के लिए यह अनिवार्य कर दिया है कि वह अपने सभी ग्राहकों के फोन नंबर रजिस्टर्ड करे और अलर्ट संदेश की मदद से अनाधिकृत लेनदेन की जानकारी दे। यह जानकारी फोन बैंकिंग, एसएमएस, ईमेल के जरिये दी जा सकती है। 

विज्ञापन


गौरतलब है कि बैंक ग्राहकों की जिम्मेदारी का प्रस्ताव अगस्त 2016 में पारित किया गया था। लेकिन अब भारतीय रिजर्व बैंक अपने अंतिम दिशा निर्देशों को सामने रखा है और बैंकिंग नियमों को सख्त बनाने की मांग की है। गुरूवार को बैंकों को जारी निर्देशों के अनुसार बैंक खातों को ग्राहकों के मोबाइल नंबर से जोड़ने की जिम्मेदारी दी गई है। अनाधिकृत लेनदेन की बढ़ती शिकायतों के बाद केंद्रीय बैंक ने ये गाइडलाइन जारी की हैं। 
विज्ञापन


बैंको की लापरवाही की वजह से हुए धोखाधड़ी के लेनदेन पर बैंक कस्टमर्स की देयता शून्य होगी यानि ग्राहक की कोई जिम्मेदारी नहीं होगी। वहीं किसी तीसरे पक्ष के फ्रॉड करने पर जिसमें बैंक शामिल नहीं हैं, में भी बैंक ग्राहक की कोई जिम्मेदारी नहीं होगी। बैंक ग्राहक की खुद की लापरवाही की वजह से हुए फ्रॉड में समय से सूचना न देने पर पूरा नुकसान ग्राहक को उठाना पड़ेगा। जबकि समय से बैंक को सूचित करने पर ग्राहकों को कोई नुकसान नहीं उठाना पड़ेगा। 
विज्ञापन
विज्ञापन


नई गाइडलाइंस के अनुसार किसी तीसरे पक्ष के फ्रॉड की वजह से हुए नुकसान पर ग्राहक को अपने बैंक को 4 से 7 दिनों में सूचित करना होगा। तय समय में बैंक को सूचना नहीं देने पर नुकसान की जिम्मेदारी ग्राहक की होगी। वहीं बैंक और तीसरे पक्ष की धोखाधड़ी के अतिरिक्त हुए नुकसान पर बचत खाताधारकों की अधिकतम देयता 5 हजार रुपये होगी। बाकी के खातों के लिए यह सीमा 10 हजार रूपये है। 5 लाख से ज्यादा की सीमा वाले क्रेडिट कार्डस और 25 लाख के बैंक ओवरड्राफ्ट वाले खातों पर यह देयता 25 हजार होगी।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Budget 2022 से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed