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बुरी खबरः अब बैंकों में कुछ भी नहीं मिलेगा फ्री, ATM ट्रांजेक्शन, चेक और कार्ड पर देना होगा चार्ज
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Tue, 24 Apr 2018 09:59 AM IST
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अब बैंक ग्राहकों को किसी भी तरह का ट्रांजेक्शन करना फ्री नहीं रह जाएगा। बैंक अपने ग्राहकों को दी जाने वाली प्रत्येक सर्विस पर चार्ज लगाने की मांग कर रहे हैं। ऐसे में बैंकों में पैसा निकाला, जमा करना, एटीएम से होने वाले ट्रांजेक्शन, मिनिमम अकाउंट बैलेंस रखना और चेक बुक का इस्तेमाल करना काफी महंगा हो सकता है।
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इन वजह से लगेगा चार्ज
देश के प्रमुख बैंकों जैसे कि स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, एक्सिस बैंक और कोटक महिंद्रा बैंक को गुड्स एंड सर्विस टैक्स महानिदेशालय (DGGST) की तरफ से नोटिस जारी किया गया है, जिसमें पिछले पांच सालों का टैक्स जमा करने के लिए कहा गया है।
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महानिदेशालय के इस कदम से बैंकों द्वारा ग्राहकों को दी जा रही फ्री सर्विस पर इसका सबसे ज्यादा असर पड़ने की संभावना है। यह नोटिस अन्य बैंकों को आने वाले समय में दिया जाएगा।
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बैंक काटते थे पैसा
जो ग्राहक अपने खाते में मिनिमम बैलेंस नहीं रखते थे, उनके खाते से पैसा काटा जाता था। बैंकों ने पैसा काटने के बाद सर्विस टैक्स को जमा नहीं किया, जिसके बाद अब यह नोटिस भेजा गया है। इन सभी बैकों को कम से कम 6 हजार करोड़ रुपये का टैक्स भरना होगा।
बैंक पहले से लोन और एनपीए के चक्कर में खस्ताहाल हैं, इसलिए इसका बोझ वो ग्राहकों पर डालने की तैयारी कर रहे हैं। हालांकि उनको भी चिंता है कि वो कैसे एक साथ इतना पैसा ग्राहकों से वसूले।
पैसा वसूलने के लिए निकाला यह तोड़
बैंकों ने पैसा वसूलने के लिए इस तरह का तोड़ निकाला है। बैंक इससे चिंतित हैं क्योंकि वे पिछली तारीख से ग्राहकों से टैक्स की मांग नहीं कर सकते। अगर इस टैक्स को बहाल रखा जाता है तो आगे चलकर इसका बोझ ग्राहकों को उठाना पड़ेगा।
बैंक इस मामले में DGGST के दावे को चुनौती दे सकते हैं और वे इस पर सरकार से भी अपील करेंगे। यह जानकारी एक ऐसे बैंक के अधिकारी ने दी है, जिसे यह नोटिस मिला है।
सेवाओं पर की पड़ताल
DGGST ने बैंकों की तरफ से ग्राहकों को दी जाने वाली कई सेवाओं की पड़ताल शुरू की है। इन सेवाओं के लिए बैंक कुछ शुल्क वसूलते हैं या मिनिमम बैलेंस मेनटेन करने पर उन्हें मुफ्त में ये सेवाएं दी जाती हैं। फी बेस्ड सर्विस में तय सीमा से अधिक एटीएम ट्रांजेक्शंस, फ्यूल सरचार्ज रिफंड, चेक बुक इश्यू करने और डेबिट कार्ड जैसी चीजें शामिल हैं।