SMS भेजने के नाम पर बैंक काट रहे हैं जेब, हो रही है RBI के इस नियम की अनदेखी
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बैंक में होने वाले हर ट्रांजेक्शन के बाद फोन पर जो मैसेज आता है उसके लिए बैंक आरबीआई द्वारा जारी एक नियम की अनदेखी कर रहे हैं। आरबीआई के नियम के अनुसार बैंक एसएमएस भेजने के लिए ग्राहकों से किसी तरह का कोई चार्ज नहीं वसूल सकते हैं।
अभी हर तिमाही पर वसूला जा रहा है 15 रुपये
देश भर के प्रमुख बैंक अभी हर तिमाही पर 15 रुपये वसूल रहे हैं। जीएसटी मिलाकर के ग्राहकों पर 17.7 पैसे की चपत लग रही है। इससे बैंक हर तिमाही करोड़ों रुपये की कमाई कर रहे हैं। आरबीआई के नियमों के अनुसार बैंक कुछ ट्रांजेक्शन पर एसएमएस भेजने के लिए चार्ज ले सकते हैं। लेकिन बैंक अभी सभी ट्रांजेक्शन के लिए एसएमएस चार्ज वसूल रहे हैं।
इन पर नहीं वसूल सकते हैं चार्ज
डेबिट कार्ड, एटीएम से कैश निकासी, NEFT व RTGS ट्रांजेक्शंस होने पर बैंक द्वारा भेजे जाने वाले एसएमएस पर किसी तरह का कोई चार्ज नहीं वसूला जा सकता है। आरबीआई के नियमों का 48 में से 19 बैंक पालन नहीं कर रहे हैं। इसमें देश के प्रमुख व सबसे बड़े बैंकों में शुमार एसबीआई, एचडीएफसी बैंक, एक्सिस बैंक और आईसीआईसीआई बैंक भी शामिल हैं।
बैलेंस कम होने पर भी काट रहे हैं पैसा
बैंक आपके डेबिट कार्ड से अकाउंट बैलेंस कम होने के बहाने पैसे काट रहे हैं। बैंक पैसे काटने पर यह तर्क दे रहे हैं कि बैलेंस न होने के बावजूद एटीएम या फिर पीओएस मशीन पर ट्रांजेक्शन किया जा रहा है, जिसके कारण 17 से 25 रुपये तक काटे जा रहे हैं।
एसबीआई काट रहा है 17 रुपये
देश का सबसे बड़ा बैंक एसबीआई अपने ग्राहकों के एटीएम कार्ड से 17 रुपये काट रहा है। इसके अलावा पैसा काटने पर 18 फीसदी जीएसटी भी लगाया जा रहा है। बैंक का तर्क है कि खाते में पैसा नहीं होने के बावजूद ग्राहक क्यों कार्ड का प्रयोग एटीएम या फिर पीओएस मशीन पर कर रहे हैं। वहीं देश के दो बड़े प्राइवेट बैंक एचडीएफसी और आईसीआईसीआई 25 रुपये काट रहे हैं।
चेक बाउंस का दे रहे हैं तर्क
बैंक पैसा काटने के लिए चेक बाउंस होने का तर्क दे रहे हैं। बैंकों का मानना है कि चेक बाउंस और एटीएम पर खाते में कम बैलेंस होने पर ट्रांजेक्शन करने पर एक ही तरह का नियम मान्य होता है। जबकि चेक बाउंस के केस में थर्ड पार्टी भी शामिल होती है, जिसे किसी व्यक्ति से पैसा लेना होता है। वहीं एटीएम या पीओएस मशीन पर किसी तरह का थर्ड पार्टी ट्रांजेक्शन नहीं होता है।