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बेरोजगारी की मार जारी, पिछले साल दी गई सिर्फ 1 लाख नौकरियां
amarujala.com- Presented by: मनीष कुमार
Updated Thu, 30 Mar 2017 01:13 PM IST
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- फोटो : IBTimes
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देश में बेरोजगारी कितनी तेजी से बढ़ रही है, इसका असर जोरों पर दिखने लगा है। सरकार की ओर से एक रिपोर्ट सामने आई है जिसके मुताबिक 6 महीनों में यानी 1 अप्रैल से 1 अक्टूबर तक सिर्फ 1 लाख नौकरियां निकली है। गैर कृषि सेक्टरों समेत मैन्युफैक्चरिंग से लेकर आईटीबीपीओ, शिक्षा और स्वास्थ्य सेक्टर में ये नौकरियां दी गईं।
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इन आठ सेक्टरों में करीब 2 करोड़ से ज्यादा कर्मचारी काम करते हैं और इस हिसाब से देखा जाए तो महज 0.5 फीसदी नई नौकरियां दी गई हैं। देखा जाए तो अर्थव्यवस्था के हिसाब से भी यह बेहद दयनीय हालत है। बता दें कि ये रिपोर्ट साल में चार बार आती है। इससे पहले आखिरी बार आई रिपोर्ट में बताया गया कि नए सेक्टर शामिल हुए हैं, लेकिन फिर भी इतनी कम नौकरियां दिया जाना कई सवाल खड़े कर रहा है।
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इससे पहले पिछले साल अप्रैल में जब पहली रिपोर्ट सामने आई, उसमें वादों के साथ रोजगार देने की एक बेसलाइन तैयार की गई। अब देखे तो सिर्फ 1.09 लाख नौकरियां दी गई हैं जिसमें स्वास्थ्य और शिक्षा के सेक्टर में 82 हजार नौकरियां दी गई है। चौंका देने वाली बात है कि इन सेक्टर्स की रीढ़ की हड्डी कहे जाने वाले मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में सिर्फ 12 हजार नौकरियां दी गई है।
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जो कि कुल दी गई नौकरियों का सिर्फ 0.1 फीसदी है। बता दें कि इन सभी सेक्टरों में 50 फीसदी इसी सेक्टर के वर्कर शामिल हैं, ऐसे में इतनी कम नौकरियां दिया जाना चिंताजनक है। बता दें कि ये सेक्टर प्रधानमंत्री के मेक इन इंडिया और स्कील इंडिया प्रोग्राम भी इन सेक्टरों पर कहीं-न-कहीं निर्भर हैं।