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3500 रुपये में बिकती है बैंक डिटेल्स, इन साइट्स पर प्रोफाइल बनाना खतरे से खाली नहीं

बिजनेस डेस्क, अमर उजाला Published by: paliwal पालीवाल Updated Mon, 17 Dec 2018 06:34 PM IST
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Hacking
Hacking - फोटो : File Photo
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इंटरनेट का प्रयोग करना यूजर्स के लिए खतरा बनता जा रहा है। आप अपनी तरफ से इंटरनेट पर विभिन्न वेबसाइट्स पर अपनी निजी जानकारी देते हैं, उसे हैकर्स 3500 डॉलर में खरीद लेते हैं। वहीं एक फोटो या पासवर्ड की कीमत 40 पैसे से भी कम है। ऐसे में आपके बैंक अकाउंट से लेकर व्यक्तिगत फोटो, क्रेडिट कार्ड की जानकारी, सोशल मीडिया पोस्ट कुछ भी सुरक्षित नहीं है। 
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इन ऐप्स पर जानकारी शेयर करना खतरनाक

इंटरनेट पर नामी कंपनियों के ऐप्स पर भी अपनी जानकारी शेयर करना खतरे से खाली नहीं है। कैस्परस्की लैब द्वारा जारी की गई एक रिपोर्ट के मुताबिक ऊबर, नेटफ्लिक्स, स्पॉटिफाई जैसे मशहूर ऐप्स के अलावा गेमिंग वेबसाइट्स, डेटिंग ऐप्स और अश्लील सामाग्री परोसने वाली वेबसाइट्स आसानी से आपकी सारी बैंक डिटेल्स चुरा रही हैं, जिसकी जानकारी आपको भी नहीं पता चलती है। 


कैस्परस्की लैब के सीनियर सिक्योरिटी रिसर्चर डेविड जैकबी ने कहा, 'यह साफ है कि डेटा हैकिंग हम सभी के लिए एक बड़ा खतरा है। चोरी किए गए डेटा का इस्तेमाल कई सोशल इविल्स तक पहुंचता है।

इसमें सोशल मीडिया से चुराया गया डेटा, बैंक की जानकारी, डेस्कटॉप, सर्वर और उबर, नेटफ्लिक्स जैसी वेबसाइट से चुराया गया डेटा भी शामिल हैं। इन वेबसाइट पर आपके बैंक और क्रेडिट कार्ड की पूरी जानकारी होती है। 

इन यूजर्स को होता है सबसे ज्यादा खतरा 

हैकर्स से उन यूजर्स को सबसे ज्यादा खतरा रहता है, जो अपने कई अकाउंट्स का पासवर्ड एक ही रखते हैं। इस वजह से हैकर्स एक अकाउंट हैक करके यूजर के कई अकाउंट एक्सेस कर सकते हैं। इस तरह हैकर्स के पास चोरी के ऑप्शन बढ़ जाते हैं। 

एक डॉलर से कम में उपलब्ध है जानकारी

हैकर्स प्रत्येक फोटो, कांटेक्ट और मैसेज के लिए 40 पैसे में आपकी जानकारी को खरीद लेते हैं। सारा भुगतान क्रिप्टोकरेंसी के माध्यम से होता है। वहीं अश्लील क्लिप के लिए 900 डॉलर से अधिक का भुगतान किया जाता है। मोबाइल फोन में डाउनलोड किए जाने वाले कई ऐप्स से लोगों को साइबर सुरक्षा में खतरा पैदा हो गया है। 

तीसरे पक्ष के साथ होता है शेयर

सेलफोन ऐप डेवलपर अन्नू गुप्ता ने कहा कि सर्वर पर जो डाटा स्टोर होता है वो तीसरे पक्ष के साथ कंपनियां शेयर करती हैं। एक और रिपोर्ट सामने आई है जिसमें दावा किया जा रहा है कि गूगल प्ले स्टोर पर 7 प्रमुख बैंकों के फर्जी ऐप मौजूद हैं जो करोड़ों ग्राहकों को डाटा चोरी कर रहे हैं और उन्हें हैकर्स तक पहुंचा रहे हैं। इसकी जानकारी सूचना प्रौद्योगिकी सुरक्षा से जुड़ी कंपनी सोफोज लैब्स ने अपनी एक रिपोर्ट में दी है। 
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बैंकों के फर्जी ऐप्स

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