फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   Online Market ›   your aadhaar card might become more secure with uidai planning to add this feature

आपका आधार होगा और सुरक्षित, UIDAI देने जा रहा है जल्द ही ये सिक्युरिटी कवर

Mon, 20 Nov 2017 01:43 PM IST
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Mon, 20 Nov 2017 01:43 PM IST
विज्ञापन
your aadhaar card might become more secure with uidai  planning to add this feature

आपका आधार कार्ड जल्द ही और सुरक्षित होने जा रहा है। आधार कार्ड बनाने वाली संस्था यूनिक आईडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया (UIDAI) जल्द ही एक अतिरिक्त सुरक्षा कवच देने जा रहा है। इससे किसी भी व्यक्ति का आधार डाटा लीक नहीं होगा। 

विज्ञापन


देना होगा केवल वर्चुअल नंबर
UIDAI जल्द ही एक ऐसा सिस्टम तैयार कर रहा है, जिससे अभी दिया जाने वाला 12 अंकों का आधार नंबर आगे चलकर नहीं देना पड़ेगा। इसके बजाए एक डमी या फिर वर्चुअल नंबर मिलेगा जो कि लोग बैंक, मोबाइल कंपनियों, सरकारी एजेंसियां, यूपीआई, प्राइवेट यूटिलिटी कंपनियां को दे सकेंगे। आपका ओरिजनल आधार नंबर केवल यूआईडीएआई के पास ही रहेगा। 
विज्ञापन


पढ़ें- 31 दिसंबर तक एसबीआई ग्राहकों को करना होगा ये काम, वर्ना हो जाएगी परेशानी
विज्ञापन
विज्ञापन


अभी लगेगा थोड़ा संमय
यूआईडीएआई अभी इस बात पर विचार कर रहा है कि इसको कैसे जारी किया जाए, क्योंकि कई लोगों को अपना ओरिजनल आधार नंबर भी याद नहीं है। इसके लिए वो हमेशा अपने साथ आधार कार्ड को कैरी करते हैं। 

210 सरकारी वेबसाइटों ने लीक किया आधार से जुड़ा डाटा

your aadhaar card might become more secure with uidai  planning to add this feature
aadhaar

यूनिक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया (यूआईडीएआई) ने कहा है कि केंद्र और राज्य सरकार की 200 से अधिक वेबसाइटों ने कुछ आधार कार्ड धारकों के नाम और पतों को सार्वजनिक कर दिया है।

आधार जारी करने वाली संस्था ने एक आरटीआई के जवाब में कहा कि उसने इस उल्लंघन का संज्ञान लिया है और इन वेबसाइटों से इन जानकारियों को हटवा दिया है। यह स्पष्ट नहीं है कि यह उल्लंघन कब हुआ। उसने कहा कि आधार की तरफ से आधार के ब्यौरे को कभी सार्वजनिक नहीं किया गया है। 

शिक्षण संस्थान भी थे शामिल
इसमें कहा गया, ‘यह पाया गया है कि शैक्षणिक संस्थानों समेत केंद्र और राज्य सरकारों की विभागों की तकरीबन 210 वेबसाइटों ने लाभार्थियों के नाम, पते व अन्य जानकारियां और आधार संख्या को आम जनता की सूचना के लिए सार्वजनिक कर दिया गया।’ 

अथॉरिटी ने एक आरटीआई के जवाब में कहा कि यूआईडीएआई ने इस पर ध्यान दिया और इन वेबसाइटों से आधार के ब्यौरा हटवा दिया है।  यूआईडीएआई 12 अंकों की विशिष्ट पहचान संख्या जारी करता है जो देश में कहीं भी पहचान और घर के पते का सबूत होती है। 

गौरतलब है कि केंद्र सरकार विभिन्न सामाजिक सेवा योजनाओं का लाभ उठाने के लिए आधार को अनिवार्य बनाने की प्रक्रिया में है।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Budget 2022 से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed