विमानों में वाई-फाई सर्विस मिलने में अभी लगेगा एक साल का वक्त, देरी के लिए खर्च बना मुद्दा
हवाई यात्रा के दौरान कॉल और इंटरनेट सेवा मिलने में अभी वक्त लगेगा। केंद्रीय दूरसंचार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) मनोज सिन्हा ने मंगलवार को कहा कि इन फ्लाइट कनेक्टिविटी लागू करने में अभी एक साल का वक्त लगेगा। गत मई में दूरसंचार सचिव अरुणा सुंदरराजन ने कहा था कि तीन-चार माह में यह सेवा यात्रियों को मुहैया करा दी जाएगी, पर आज मंत्री ने उनके दावे को खारिज कर दिया।
पहले एक माह का दिया गया था वक्त
केंद्रीय दूरसंचार और नागरिक उड्डयन मंत्रालय को हवाई यात्रा के दौरान कॉल-इंटरनेट सेवा मुहैया कराने के लिए दिशा-निर्देश जारी करना है। दूरसंचार आयोग ने एक मई को दूरसंचार नियामक की ओर से इन फ्लाइट कनेक्टिविटी की सिफारिशों को मंजूरी दी थी। तब सचिव सुंदरराजन ने कहा था कि दिशा-निर्देश एक माह में जारी कर दिए जाएंगे। लेकिन ऐसा नहीं हुआ और आज दूरसंचार मंत्री सिन्हा ने इस सेवा को शुरू किए जाने के सवाल पर इसे एक साल में लागू किए जाने की बात कही।
इतना आएगा खर्चा
माना जा रहा है कि एयरलाइंस और दूरसंचार कंपनियां इस सेवा को शुरू किए जाने में कोई खर्च करने को तैयार नहीं है। हकीकत में यही देरी का कारण बन रहा है। दरअसल, हर विमान में यह सेवा देने में डेढ़ से दो करोड़ रुपये का खर्च आएगा, जो एयरलाइंस और दूरसंचार कंपनियों को करना है और उनके बीच सहमति नहीं बन पा रही है।
तुर्की, चीन, आयरलैंड में पहले से है सुविधा
ट्राई ने अपनी सिफारिश में कहा था कि एयरलाइंस कुछ शर्तों के साथ अपने यात्रियों को कुछ इंटरनेट वाई-फाई सेवाएं प्रदान कर सकेंगी। इससे कंप्यूटर व इंटरनेट सेवाएं विमान के उड़ान भरते ही शुरू की जा सकेंगी। मोबाइल सेवाओं के लिए विमान के 3,000 मीटर से अधिक ऊंचाई पर पहुंचने का इंतजार करना होगा। याद रहे कि तुर्की, चीन और आयरलैंड जैसे अन्य दूसरे देशों में ज्यादातर एयरलाइंस अपने एयरस्पेस में ये सेवाएं पहले से उपलब्ध करा रही हैं।
अगले महीने के अंत तक नई दूरसंचार नीति को मंजूरी
संचार मंत्री मनोज सिन्हा ने कहा कि नई दूरसंचार नीति को अगले महीने के अंत तक केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा मंजूरी मिलने की उम्मीद है। उन्होंने कहा नेशनल डिजिटल कम्यूनिकेशंस पॉलिसी (एनडीसीपी) पर कैबिनेट से मंजूरी मिलने पर 2009-14 में 9,000 करोड़ रुपये से सार्वजनिक खर्च 6 गुना बढ़कर 2014-19 (वास्तविक + योजनाबद्ध) में 60,000 करोड़ रुपये हो सकता है। यह जानकारी उन्होंने मंत्रालय की चार साल की उपलब्धियों पर दी।
प्रत्येक घर में मिलेगी 50 एमबीपीएस की स्पीड
सरकार ने हाल में राष्ट्रीय डिजिटल संचार नीति (एनडीसीपी) जारी की है, जिसका उद्देश्य 50 एमबीपीएस की डाउनलोड गति के साथ हर घर तक इंटरनेट की पहुंच प्रदान करना है। इस क्षेत्र में लगभग 6.5 लाख करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित करना और कुछ शर्तों के साथ 40 लाख नए नौकरी के अवसर पैदा करना। सिन्हा ने कहा कि हितधारकों के बीच विश्वास की कमी थी, जिसे हमने अभी स्थापित किया है।