4जी सेवाओं में कॉलड्रॉप पर नियम बनाएगा ट्राई
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देश में 4जी संचार सेवाओं में कॉलड्रॉप की समस्या से परेशान उपभोक्ताओं को जल्द राहत मिलने की उम्मीद है, क्योंकि दूरसंचार नियामक इसी हफ्ते इन सेवाओं में सुधार के लिए नए दिशा-निर्देश जारी करने जा रहा है।
इसमें दूरसंचार कंपनियों को 4जी सेवाओं में कॉलड्रॉप और कॉल म्यूट की निगरानी के साथ ही हर तीन महीने में दूरसंचार नियामक को इससे संबंधित रिपोर्ट सौंपनी होगी। भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) दूरसंचार कंपनियों से मिलने वाली रिपोर्ट से जुटाए गए आंकड़ों के आधार पर आगे नए नियम जारी करेगा।
इसी सप्ताह जारी होंगे निर्देश
4जी सेवा का इस्तेमाल करने वाले ग्राहकों के समक्ष पेश आने वाली दिक्कतों की विभिन्न शिकायतें नियामक के पास आई हैं। सर्वाधिक समस्या कॉल देर से लगने, कॉलड्रॉप और कॉल लगने के बाद आवाज नहीं आने की है।
कॉल देर से लगने की वजह 2जी, 3जी और 4जी का एक साथ चलना भी है, क्योंकि एक स्पेक्ट्रम से दूसरे स्पेक्ट्रम में प्रवेश में समय लगता है। ऐसे में ट्राई ने इस परेशानी से इतर कॉलड्रॉप और आवाज नहीं आने के पहलू को अपने दिशा-निर्देशों में शामिल किया है। माना जा रहा है कि इन निर्देशों को इसी सप्ताह जारी कर 4जी के लिए नए नियम बनाने की दिशा में ट्राई एक कदम बढ़ेगा।
आंकड़ों की समीक्षा के बाद नए नियम
ट्राई के मुताबिक, कॉलड्रॉप और म्यूट का वास्तविक आंकड़ा जुटाने में ट्राई को छह महीने से एक साल तक लग सकता है। इस अवधि में मिलने वाले आंकड़ों की समीक्षा के आधार पर नए नियम तय किए जाएंगे।
फिलहाल कंपनियों को प्रत्येक तीन महीने में सिर्फ आंकड़ों पर आधारित रिपोर्ट नियामक को सौंपनी होगी। इससे स्पष्ट हो जाएगा कि कौन सेवा प्रदाता कितनी बेहतर सेवाएं दे रहा है। ट्राई ने इस मुद्दे पर गत फरवरी में परामर्श पत्र जारी किया था।
4जी के लिए फिलहाल मानदंड नहीं
मौजूदा समय में 2जी व 3जी सेवाओं में कॉलड्रॉप के लिए मानदंड हैं, लेकिन 4जी में कॉलड्रॉप का कोई पैमाना नहीं है। कॉलड्रॉप को लेकर ट्राई पिछले साल अक्तूबर में पेनाल्टी भी बढ़ा चुका है। ट्राई ने 2जी और 3जी में कॉलड्रॉप को लेकर जारी नियमों में 5 से 10 लाख रुपये तक जुर्माने का प्रावधान किया है।
जबकि 4जी सेवाओं पर यह नियम लागू नहीं होता है। नियामक के पास देश के 21 सर्कल में चल रही 4जी सेवाओं में कॉलड्रॉप या अन्य समस्याओं के संबंध में कोई आंकड़ा नहीं है, जबकि मौजूदा समय में सभी दूरसंचार कंपनियां 4जी सेवाएं नहीं दे रही हैं।