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किशोर बियानी, फ्यूचर रिटेल के अन्य प्रवर्तकों पर SAT ने सेबी के आदेश पर लगाई रोक

Tue, 16 Feb 2021 03:34 PM IST
‌डिंपल अलावाधी पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली Published by: ‌डिंपल अलावाधी Updated Tue, 16 Feb 2021 03:34 PM IST
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Securities Appellate Tribunal SAT stays Sebi Order Banning Other Promoters Of Kishore Biyani Future From Market
किशोर बियानी - फोटो : सोशल मीडिया

प्रतिभूति अपीलीय न्यायाधिकरण (सैट) ने फ्यूचर रिटेल के चेयरपर्सन किशोर बियानी और कुछ अन्य प्रवर्तकों के ऊपर प्रतिभूति बाजार से पाबंदी लगाने के बाजार नियामक सेबी के आदेश पर रोग लगा दी है। सैट ने फ्यूचर ग्रुप के प्रवर्तकों को अंतरिम उपाय के तहत 11 करोड़ रुपये जमा करने को कहा है। बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) ने बियानी व अन्य प्रवर्तकों के ऊपर प्रतिभूति बाजार में हिस्सा लेने से एक साल के लिए रोक लगा दी थी। 

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फ्यूचर ग्रुप के प्रवर्तकों पर भेदिया कारोबार का आरोप
फ्यूचर कॉरपोरेट रिसॉर्सेज प्राइवेट लिमिटेड (एफसीआरपीएल) ने एक बयान में कहा, 'सैट ने 15 फरवरी 2021 को हुई एक सुनवाई में सेबी के उस आदेश पर रोक लगा दी, जिसमें फ्यूचर रिटेल के शेयरों की मार्च 2017 में हुई एक खरीद को लेकर फ्यूचर ग्रुप के प्रवर्तकों के ऊपर भेदिया कारोबार का आरोप लगाया गया है।' 
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12 अप्रैल 2021 को होगी अगली सुनवाई
अब सैट इस मामले पर 12 अप्रैल 2021 को सुनवाई करेगा। इससे पहले तीन फरवरी को सेबी ने किशोर बियानी और फ्यूचर रिटेल लिमिटेड के कुछ अन्य प्रवर्तकों को प्रतिभूति बाजार से एक साल के लिए रोक दिया था। इसके अलावा, नियामक ने किशोर बियानी, अनिल बियानी और फ्यूचर कॉरपोरेट रिसोर्सेज पर एक-एक करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया था। उन्हें गलत तरीके से कमाये 17.78 करोड़ रुपये लाभ को जमा करने को भी कहा गया था।
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अमेजन ने खटखटाया उच्चतम न्यायालय का दरवाजा
ई-कॉमर्स क्षेत्र की प्रमुख कंपनी अमेजन ने रिलायंस के साथ फ्यूचर ग्रुप के 24,713 करोड़ रुपये के सौदे को रोकने के लिए उच्चतम न्यायालय का रुख किया है। मामले में सूत्रों ने कहा कि यह कदम हाल ही में दिल्ली उच्च न्यायालय के फैसले के बाद उठाया गया, जिसमें यथास्थिति बनाए रखने के एकल न्यायाधीश के फैसले को रोकते हुए कहा गया था कि वैधानिक अधिकारियों को कानून के अनुसार काम करने से रोका नहीं जा सकता है।

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