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जियो के ग्राहकों को लगने वाला बड़ा झटका, अब मुफ्त में नहीं मिलेंगे यह प्रसिद्ध ऐप्स
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
Updated Sat, 29 Sep 2018 11:25 AM IST
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रिलायंस जियो के ग्राहकों को जल्द बड़ा झटका लगने वाला है। कंपनी अपने कई प्रसिद्ध ऐप का इस्तेमाल करने पर चार्ज लगाने जा रही है। इससे इन ऐप्स का इस्तेमाल करने पर ग्राहकों को पैसा देना होगा।
लेकर आएगी फ्रीमियम मॉडल
कंपनी जियो टीवी, जियो सिनेमा और जियो मैग्स जैसे पॉपुलर ऐप्स को फ्रीमियन मॉडल पर लेकर के जाएगी। इस मॉडल के तहत कंपनी कुछ कंटेंट तो ग्राहकों को मुफ्त में देगी, लेकिन जो भी प्रीमियम कंटेंट है, उसके लिए ग्राहकों को शुल्क देना होगा। इससे इन ऐप्स का इस्तेमाल करना महंगा हो जाएगा।
एप्स की मदद से बने थे ज्यादा ग्राहक
जियो के ग्राहक डाटा के अलावा इन ऐप्स का बड़ी संख्या में इस्तेमाल करते थे। इस वजह से इसके ग्राहकों की संख्या में उछाल देखने को मिला था। इन ऐप्स की मदद से जियो के ग्राहकों को बिना पैसा खर्च किए काफी टीवी सीरियल, फिल्में और गाने देखने और सुनने को मिल जाते थे।
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अन्य कंपनियां भी उठा सकती हैं ऐसा कदम
जियो की देखा-देखी अन्य टेलिकॉम कंपनियां भी इस तरह का कदम उठा सकती हैं। आइडिया वोडाफोन और एयरटेल भी अपने-अपने ऐप पर मौजूद कंटेंट पर चार्ज लगा सकते हैं। जियो ने हाल ही में सावन म्यूजिक ऐप का अधिग्रहण किया था। इसके अलावा ईरोज के साथ साझेदारी की थी। वहीं राय कपूर फिल्म भी जियो के ऐप्स के लिए कंटेंट को डेवलप करेगी।
इसलिए लगाने जा रही है चार्ज
रिलांयस जियो अपने मनोरंजन कारोबार से आय अर्जित करना चाहती है। इसके लिए ही वो इस तरह का नए बिजनेस मॉडल पर काम कर रही है। लेकिन ग्राहकों पर कंपनी के इस कदम से ग्राहकों की संख्या पर असर पड़ने की संभावना है। जियो के ज्यादातर ग्राहक काफी कम कीमत पर मिलने वाली कॉलिंग, डाटा और मुफ्त कंटेंट की वजह से जुड़े हुए थे। अब देखना यह है कि कितने ग्राहक इस नई सुविधा को लेने के लिए पैसे खर्च करते हैं।
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लेकर आएगी फ्रीमियम मॉडल
कंपनी जियो टीवी, जियो सिनेमा और जियो मैग्स जैसे पॉपुलर ऐप्स को फ्रीमियन मॉडल पर लेकर के जाएगी। इस मॉडल के तहत कंपनी कुछ कंटेंट तो ग्राहकों को मुफ्त में देगी, लेकिन जो भी प्रीमियम कंटेंट है, उसके लिए ग्राहकों को शुल्क देना होगा। इससे इन ऐप्स का इस्तेमाल करना महंगा हो जाएगा।
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एप्स की मदद से बने थे ज्यादा ग्राहक
जियो के ग्राहक डाटा के अलावा इन ऐप्स का बड़ी संख्या में इस्तेमाल करते थे। इस वजह से इसके ग्राहकों की संख्या में उछाल देखने को मिला था। इन ऐप्स की मदद से जियो के ग्राहकों को बिना पैसा खर्च किए काफी टीवी सीरियल, फिल्में और गाने देखने और सुनने को मिल जाते थे।
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अन्य कंपनियां भी उठा सकती हैं ऐसा कदम
जियो की देखा-देखी अन्य टेलिकॉम कंपनियां भी इस तरह का कदम उठा सकती हैं। आइडिया वोडाफोन और एयरटेल भी अपने-अपने ऐप पर मौजूद कंटेंट पर चार्ज लगा सकते हैं। जियो ने हाल ही में सावन म्यूजिक ऐप का अधिग्रहण किया था। इसके अलावा ईरोज के साथ साझेदारी की थी। वहीं राय कपूर फिल्म भी जियो के ऐप्स के लिए कंटेंट को डेवलप करेगी।
इसलिए लगाने जा रही है चार्ज
रिलांयस जियो अपने मनोरंजन कारोबार से आय अर्जित करना चाहती है। इसके लिए ही वो इस तरह का नए बिजनेस मॉडल पर काम कर रही है। लेकिन ग्राहकों पर कंपनी के इस कदम से ग्राहकों की संख्या पर असर पड़ने की संभावना है। जियो के ज्यादातर ग्राहक काफी कम कीमत पर मिलने वाली कॉलिंग, डाटा और मुफ्त कंटेंट की वजह से जुड़े हुए थे। अब देखना यह है कि कितने ग्राहक इस नई सुविधा को लेने के लिए पैसे खर्च करते हैं।
एक साल में बढ़ी डाटा खपत
वैसे तो दो साल पहले तक हम 1 जीबी डाटा पूरे एक महीने तक बचा-बचाकर इस्तेमाल करते थे लेकिन अब हम हर रोज औसत 1 जीबी डाटा इस्तेमाल करने लगे हैं। इसके अलावा पूरे दिन में 90 मिनट ऑनलाइन रहते हैं। यह आंकड़ा इसलिए हैरान करने वाला है क्योंकि करीब डेढ़ साल पहले तक भारतीय मोबाइल यूजर्स एक महीने में औसतन 4 जीबी डाटा का इस्तेमाल करते थे।
इसकी जानकारी नीलसन इंडिया की एक रिपोर्ट से मिली है। रिपोर्ट में कहा गया है कि पूरी दुनिया के ग्राहकों द्वारा ऑनलाइन समय बिताने का औसत 135 मिनट का है। नीलसन ने ज्यादा डाटा खर्च करने के पीछे सस्ते स्मार्टफोन और कम कीमत में मिलने वाला डाटा प्लान का हवाला दिया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि पहले के मुकाबले अब ज्यादा लोग स्मार्टफोन खरीदने लगे हैं।
नीलसन इंडिया के डायरेक्टर (टेक्नोलॉजी आईपीपी) अभिजीत मटकर के मुताबिक अब बाजार में 5,000 रुपये से कम कीमत में स्मार्टफोन आ गए हैं। ऐसे में एक अलग तरह के ग्राहकों को समूह पैदा हुआ है जिन्होंने फीचर फोन की जगह सीधे स्मार्टफोन खरीद लिए। पिछले 15 से 18 महीनों में डाटा का सबसे ज्यादा इस्तेमाल व्हाट्सएप, फेसबुक, इंस्टाग्राम और गूगल क्रोम में हुआ है।
इसकी जानकारी नीलसन इंडिया की एक रिपोर्ट से मिली है। रिपोर्ट में कहा गया है कि पूरी दुनिया के ग्राहकों द्वारा ऑनलाइन समय बिताने का औसत 135 मिनट का है। नीलसन ने ज्यादा डाटा खर्च करने के पीछे सस्ते स्मार्टफोन और कम कीमत में मिलने वाला डाटा प्लान का हवाला दिया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि पहले के मुकाबले अब ज्यादा लोग स्मार्टफोन खरीदने लगे हैं।
नीलसन इंडिया के डायरेक्टर (टेक्नोलॉजी आईपीपी) अभिजीत मटकर के मुताबिक अब बाजार में 5,000 रुपये से कम कीमत में स्मार्टफोन आ गए हैं। ऐसे में एक अलग तरह के ग्राहकों को समूह पैदा हुआ है जिन्होंने फीचर फोन की जगह सीधे स्मार्टफोन खरीद लिए। पिछले 15 से 18 महीनों में डाटा का सबसे ज्यादा इस्तेमाल व्हाट्सएप, फेसबुक, इंस्टाग्राम और गूगल क्रोम में हुआ है।