जानिए आखिर कौन है वो जो लोगों को रोक रहा है मॉल में जाने से
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ई-कॉमर्स कंपनियों की बिक्री में 100 फीसदी से अधिक की बढ़ोतरी से शॉपिंग माल की बिक्री पर जबरदस्त असर पड़ता दिख रहा है। खरीदारों के ई-कॉमर्स कंपनियों की ओर मुखातिब होने से इस बार दीपावली के अवसर पर मॉल में पिछले साल के मुकाबले खरीदारों के आगमन में 55.58 फीसदी की कमी आई है।
औद्योगिक संगठन एसोचैम ने इस बात का खुलासा अपनी रिपोर्ट में किया है। ई-कॉमर्स कंपनियों की बिक्री में बढ़ोतरी का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि फ्लिपकार्ट ने महासेल के दौरान मात्र पांच दिनों में 1800 करोड़ रुपये की बिक्री की।
सर्वे के मुताबिक शॉपिंग मॉल में ग्राहकों के आगमन में सबसे अधिक गिरावट दिल्ली-एनसीआर में आई है। सर्वे में कहा गया है कि पिछले दो साल में दिल्ली-एनसीआर में 120-150 मॉल की शुरुआत की गई, लेकिन इनमें से अधिकतर मॉल के 65-70 फीसदी जगह खाली पड़ी है। अधिकतर मॉल में दुकानें बंद पड़ी हैं।
इन कारणों से हो रहा ऐसा
ग्राहकों के आगमन में आने वाली कमी के लिए मुख्य रूप से आर्थिक सुस्ती, ऑनलाइन खरीदारी में होने वाली बढ़ोतरी, ऊंची ब्याज दरें व उपभोक्ता वस्तुओं की कीमतों मे होने वाली बढ़ोतरी को जिम्मेदार बताया जा रहा है।
एसोचैम का दावा है कि इस सर्वे के लिए उनकी टीम ने दिल्ली-एनसीआर के अलावा मुंबई, अहमदाबाद, चैन्नई, कोलकाता, हैदराबाद, बंगलुरु, चंडीगढ़ व देहरादून स्थित शॉपिंग मॉल के 720 से अधिक मॉल प्रबंधक व प्रतिनिधियों से बातचीत की गई।
सर्वे के मुताबिक नौ प्रमुख शहरों के मॉल में 59 फीसदी जगह खाली है। दिल्ली-एनसीआर के मॉल में 68.5 फीसदी तो मुंबई के मॉल में 65 फीसदी जगह खाली पाई गई। बड़े ब्रांडों को मॉल में अपने स्टोर खोलने के लिए डेवलपर्स छह महीने तक मुफ्त में जगह देने की पेशकश कर रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि ऑनलाइन खरीदारी के बढ़ते चलन और आर्थिक सुस्ती की वजह से मॉल संस्कृति प्रभावित हो रही है। उम्मीद की जा रही है कि इस मौसम में ऑनलाइन खरीदारी का आंकड़ा 55000 करोड़ रुपये के आंकड़ों को पार कर सकता है।