ओला ने फूड पांडा से 1540 लोगों को किया बाहर, बताई यह वजह
ऐप बेस्ड कैब सेवा प्रदाता कंपनी ओला ने अपने फूड डिलिवरी ऐप फूड पांडा से 1540 लोगों को बाहर का रास्ता दिखा दिया है। ओला ने कहा कि इस व्यापार में उसको लगातार घाटा हो रहा है, जिसकी वजह से यह कदम उठाया गया है।
ओला और फूड पांडा को चलाने वाली कंपनी एएनआई टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड ने कहा है कि वो फूड पांडा को चलाने के लिए अन्य प्रतिद्वंदी कंपनियों की तरह पैसा खर्च नहीं कर सकती है।
बाजार में इन कंपनियों का कब्जा
फूड डिलिवरी बाजार में स्वीगी, जोमाटो और उबर ईट्स जैसी कंपनियों की प्रमुख हिस्सेदारी है। यह कंपनियां अपना विज्ञापन के जरिए प्रचार भी काफी करती हैं। ओला ने कहा है कि उसके पास इतना पैसा नहीं है कि वो फूड पांडा के प्रचार में खर्च कर सके।
इन लोगों की गई नौकरी
कंपनी ने मिड लेवल में कार्यरत 40 और 1500 डिलिवरी एग्जिक्यूटिव को बाहर का रास्ता दिखा दिया है। इसके साथ ही कंपनी ने अपने ऐप से कई रेस्टोरेंट को भी हटा दिया है।
दिसंबर 2017 में खरीदी थी फूडपांडा
ओला ने दिसंबर 2017 में फूडपांडा को 200 करोड़ रुपये में बर्लिन की हीरो कंपनी से खरीदा था। खरीदने के बाद ओला ने 1300 करोड़ रुपये का निवेश भी किया था। ओला ने अपनी ग्राउंड टीम को भी बाहर का रास्ता दिखा दिया है। अभी तक कंपनी के पास रोजाना केवल पांच हजार ऑर्डर डिलिवरी के लिए आते हैं। जबकि स्वीगी, जोमाटो के पास प्रतिदिन दो लाख ऑर्डर आते हैं।