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500-1,000 के नोट बंद होते ही ऑनलाइन शॉपिंग वेबसाइट्स ने बंद किया COD ऑप्शन

Wed, 09 Nov 2016 06:05 PM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली Updated Wed, 09 Nov 2016 06:05 PM IST
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Modi Effect: Online ecommerce companies removes COD option

भारत सरकार द्वारा 500 और 1,000 रुपए के वर्तमान नोट बंद किए जाने की घोषणा का असर दिखना शुरू हो गया है। ई-कॉमर्स कंपनियों ने मौके को भांपते हुए कैश ऑन डिलिवरी ऑप्शन बंद कर दिया है।

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कम से कम अभी के लिए तो यह डिसेबल है। यानी अब आप कोई सामान ऑर्डर करेंगे तो आपको डेबिट, क्रोडिट या इंटरनेट बैंकिंग से पेमेंट करना होगा। इसमें फ्लिपकार्ट, अमेजन और स्‍नैपडील शामिल हैं।
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अमे‍जन से कैश ऑन डिलीवरी विकल्‍प सेलेक्‍ट करने पर एक संदेश दिखाया जा रहा है कि हमने कैश ऑन डिलीवरी को स्‍थगित कर दिया है ताकि आपके पास जरूरी पेमेंट्स के लिए कैश बचा रहे। संदेश में लोगों से अपने डेबिट/क्रेडिट कार्ड्स या नेट बैंकिंग का इस्‍तेमाल खरीदारी के लिए करने की सलाह दी गई है। 

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'सामान लौटाने के अलावा विकल्प नहीं है'

Modi Effect: Online ecommerce companies removes COD option
फ्लिपकार्ट

वहीं स्‍नैपडील में भुगतान के लिए कैश ऑन डिलीवरी का विकल्‍प सेलेक्‍ट हो रहा है मगर वेबसाइट पर एक घोषणा दी गई है, '500 व 1000 रुपए के वर्तमान करेंसी नोट्स बंद कर दिए गए हैं। कृपया सही मूल्‍य के नोट डिलीवरी के वक्‍त भुगतान के लिए तैयार रखें।'

यह साफ नहीं किया गया है कि जिन लोगों ने कैश ऑन डिलीवरी के जरिए महंगा सामान खरीदा है, वे भुगतान कैसे करेंगे। क्‍योंकि ज्‍यादातर लोगों के पास 100 रुपए के इतने सारे नोट होने की संभावना बेहद कम है। फ्लिपकार्ट ने वेबसाइट पर किसी तरह की कोई घोषणा नहीं लगाई है। मगर जब आप 1000 रुपए की सीमा से ऊपर जाते हैं, यह एक बैनर दिखाता है, 'इस ऑर्डर के लिए यह भुगतान विकल्‍प उपलब्द नहीं है।

कृपया कोई और भुगतान विकल्‍प चुनें।' बुधवार को बैंक बंद हैं और एटीएम खाली हो रहे हैं, आम जनता के पास पहले से ही 100 व कम मूल्‍य के नोटों की कमी हैं। ऐसे में इन कंपनियों के काफी सारे आर्डर्स वापस किये जाने का अंदेशा बढ़ गया है। इस कवायद से जहां ग्राहकों को सामान नहीं मिल पाऐगा, वहीं कंपनियों को भी काफी नुकसान होगा।

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