चुनाव से पहले भाजपा ने ली इस मामले में बढ़त, कांग्रेस यहां भी पिछड़ी
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लोकसभा चुनावों के लिए तारीखों की घोषणा होने से पहले ही राजनेताओं और उनके दलों ने विज्ञापन पर कमर कस ली है। सोशल मीडिया कंपनी फेसबुक ने एक डाटा जारी किया है, जिसके अनुसार फरवरी माह में भाजपा और उसके सहयोगी दलों ने चुनावी विज्ञापनों पर सबसे ज्यादा पैसा खर्च किया। दूसरे नंबर पर क्षेत्रीय पार्टियां और तीसरे नंबर पर कांग्रेस रही। भाजपा ने करीब 50 फीसदी पैसा फेसबुक पर खर्च किया।
इतना किया खर्च
भाजपा और उसके सहयोगियों (पार्टी, मंत्री, नेता, सांसद और विधायक) ने फेसबुक पर फरवरी माह में 2.37 करोड़ रुपये खर्च किए थे। वहीं क्षेत्रीय पार्टियों ने 19.8 लाख रुपये और कांग्रेस ने 10.6 लाख रुपये खर्च किए थे।
सोशल मीडिया के लिए 25 फीसदी बजट
इस बार के लोकसभा चुनाव में केवल भाजपा अपने कुल बजट की 25 फीसदी राशि खर्च करेगी। क्षेत्रीय पार्टियों में सबसे ज्यादा खर्च बीजू जनता दल, एनसीपी, टीडीपी, वाईएसआर कांग्रेस और शिवसेना कर रही हैं।
भाजपा ने खर्च किए करीब 2 करोड़ रुपये
पार्टियों के अलावा केंद्र सरकार के कई विभागों जैसे कि माईजीओवी और डिजिटल इंडिया ने 35 लाख रुपये फेसबुक पर खर्च किए हैं। इसके अलावा भाजपा ने 'भारत के मन की बात' नाम से एक पेज चला रखा है, जिस पर आने वाले विज्ञापनों पर 1.1 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। इसके अलावा 'नेशन विथ नमो' पेज पर 60 लाख रुपये खर्च किए हैं।
फेसबुक ने बनाई थी पॉलिसी
लोकसभा चुनाव 2019 से पहले फेसबुक राजनीतिक विज्ञापनों के मामले में पारदर्शिता लाने के लिए नई पहल करने जा रहा है। इसके अनुसार अब विज्ञापनों के साथ स्पष्टीकरण भी देना होगा। राजनीतिक विज्ञापनों के ऊपर यह जानकारी रहेगी कि किसने विज्ञापन प्रकाशित किया है या उसके लिये किसने भुगतान किया है। लोग विज्ञापनों की एक लाइब्रेरी को भी एक्सेस कर सकेंगे।
कंपनी के सार्वजनिक नीति निदेशक (भारत एवं दक्षिण एशिया) शिवनाथ ठुकराल ने कहा कि लोगों को विज्ञापन के साथ विज्ञापनदाता या उसके लिये भुगतान करने वाले की भी जानकारी मिलेगी। इससे लोगों को इस बाबत अधिक जानकारी मिलेगी कि उन्हें दिख रहे विज्ञापनों के पीछे कौन लोग हैं।
कंपनी इस महीने से देश में राजनीतिक विज्ञापन चला रहे या इनके लिये भुगतान कर रहे पेजों का प्रबंधन करने वाले लोगों की प्राथमिक भौगोलिक स्थिति भी दिखाना शुरू करेगी। मालूम हो कि भारत में फेसबुक के करीब 20 करोड़ उपभोक्ता हैं।
फेसबुक पर खर्च करने वाले नेता
(अमर उजाला ग्राफिक्स--रोहित झा)