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डिजिटलीकरण के लिए तैयार नहीं भारतीय कंपनियां, साइबर फ्रॉड का खतरा बरकरार

Thu, 19 Dec 2019 10:59 AM IST
paliwal पालीवाल बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला Published by: paliwal पालीवाल Updated Thu, 19 Dec 2019 10:59 AM IST
सार

  • फोर्सप्वाइंट ने अध्ययन में कहा, डिजिटलीकरण के लिए सबसे बड़ी चुनौती है साइबर अटैक 
  • अध्ययन में शामिल 46 फीसदी कंपनियां साइबर अटैक का हो चुकी हैं शिकार

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indian companies are not ready for digitalisation
- फोटो : demo pic

विस्तार

भारत एक ओर जहां तेजी से डिजिटलीकरण की ओर बढ़ रहा है, वहीं घरेलू कंपनियां इसके लिए अभी पूरी तरह तैयार नहीं हैं। फोर्सप्वाइंट के एक अध्ययन में यह खुलासा हुआ है। इसके मुताबिक, डिजिटलीकरण के सामने सबसे बड़ी चुनौती साइबर अटैक है। इससे निपटने के लिए कंपनियों को पुख्ता इंतजाम करने होंगे।

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अध्ययन के मुताबिक, करीब 95 फीसदी भारतीय कंपनियां डिजिटल बदलाव की ओर आगे बढ़ चुकी हैं। वहीं, 61 फीसदी कंपनियों का कहना है कि साइबर अटैक की वजह से चुनौती बढ़ती जा रही है, जिससे पार पाना आसान नहीं है। इसके अलावा, जिन कंपनियों में डिजिटल बदलाव हो चुका है, उनमें करीब 46 फीसदी कंपनियां साइबर अटैक का शिकार हो चुकी हैं। अध्ययन में बताया गया है कि भारत में क्लाउड कंप्यूटिंग को लेकर तेजी से रुझान बढ़ रहा है। करीब 76 फीसदी कंपनियां क्लाउड कंप्यूटिंग को अपना चुकी हैं।
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लेकिन इन कंपनियों पर साइबर अटैक का खतरा भी काफी बढ़ गया है। इनमें से करीब 47 फीसदी कंपनियों का कहना है कि उन्होंने पिछले 12 महीने में सुरक्षा में सेंध जैसी समस्याएं झेली हैं। यह अध्ययन 100 भारतीय कंपनियों से बातचीत के आधार पर तैयार की गई है।
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इनमें से 62 फीसदी कंपनियां बड़ी हैं, जिनका वैश्विक सालाना टर्नओवर 25 करोड़ डॉलर (करीब 1,800 करोड़ रुपये) है। ज्यादातर कंपनियां आईटी और बीपीओ (37 फीसदी) से संबंधित हैं। इसके अलावा, अध्ययन में बीएफएसआई (बैंकिंग, वित्तीय सेवा और बीमा) क्षेत्र की 27 फीसदी और मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र की 19 फीसदी कंपनियों को शामिल किया गया है।

नौकरी के लिहाज से इसरो पांचवीं अच्छी कंपनी

वैश्विक रोजगार वेबसाइट इनडीड के अध्ययन के मुताबिक, भारत में प्रौद्योगिकी क्षेत्र में नौकरी करने के लिहाज से सैप सबसे अच्छी कंपनी मानी जा रही है। एडोब दूसरे, वीएमवेयर तीसरे और माइक्रोसॉफ्ट चौथे स्थान पर है। भारतीय अंतरिक्ष शोध संगठन (इसरो) को इस सूची में पांचवें स्थान पर रखा गया है। पिछले साल यह 10वें पायदान पर थी।



ई-कॉमर्स कंपनियां मिंत्रा, पेटीएम, फ्लिपकार्ट और आईटी कंपनी टीसीएस एवं एमफैसिस उन भारतीय कंपनियों में शामिल हैं, जिन्हें इस सूची में रखा गया है। इसके अलावा, प्रौद्योगिकी क्षेत्र के शीर्ष-15 कार्यस्थलों में सिस्को, आईबीएम, एपल, एमडॉक्स और जेनपैक्ट शामिल हैं। इसमें बताया गया है कि भारत में नौकरी तलाशने वाले 97 फीसदी लोग नए अवसरों पर विचार करते समय नियोक्ता कंपनी की साख पर ध्यान देते हैं।

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