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Myfastag एप पर रिचार्ज के नाम पर लोगों से हो रही है ठगी

Tue, 05 Nov 2019 04:57 PM IST
paliwal पालीवाल बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली Published by: paliwal पालीवाल Updated Tue, 05 Nov 2019 04:57 PM IST
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ihmcl fastag app is looting money in the name of recharge
fastag - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स--रोहित झा

केंद्र सरकार एक दिसंबर से राष्ट्रीय राजमार्गों पर फास्ट टैग के जरिए टोल कलेक्शन करने का एलान कर चुकी है। लोगों से कहा जा रहा है कि वो फास्ट टैग को खरीद करके अपनी गाड़ी पर लगा लें, अन्यथा दिसंबर से उनको टोल प्लाजा पर नकद भुगतान करने पर दोगुना पैसा देना होगा। अब लोग भी बैंक,मोबाइल वॉलेट और ऑनलाइन फास्ट टैग को मंगा रहे हैं।  हालांकि देखने में आ रहा है कि माईफास्टैग एप पर रिचार्ज कराने पर लोग ठगी का शिकार हो रहे हैं। इस बारे में लोग सोशल मीडिया से लेकर गूगल प्ले स्टोर पर शिकायत कर रहे हैं, लेकिन कहीं से भी उनको अपनी परेशानी का हल नहीं मिल रहा है। 

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ऐसे हो रही है ठगी

हालांकि इस टैग को खरीदने और कार पर लगाने के बाद रिचार्ज करने के नाम पर एक बड़ा घोटाला हो रहा है। सरकारी कंपनी आईएचएमसीएल द्वारा शुरू गए मोबाइल एप पर रिचार्ज कराने के लिए ग्राहकों के बैंक खाते से पैसा तो कट जाता है, लेकिन आगे इसके बारे में कुछ पता नहीं चलता है। लोगों को फास्ट टैग खाते में पड़े बैलेंस और किसी तरह का स्टेटमेंट के बारे में भी जानकारी नहीं मिल रही है। 

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कस्टमर केयर पर फोन करने पर मिलता है यह जवाब

ग्राहक जब परेशान होकर के फास्ट टैग एप के टोल फ्री नंबर 1033 पर कॉल करते हैं, तो वहां पर मौजूद ग्राहक सेवा अधिकारी सिर्फ यह कह देता है कि गाड़ी का नंबर रजिस्टर्ड नहीं है, इसलिए वो गाड़ी में रिचार्ज की गई राशि के बारे में किसी तरह की कोई जानकारी नहीं दे सकते हैं। हालांकि संबंधित बैंक में बात करने पर पता चलता है, कि खाते से रिचार्ज करने की राशि फास्ट टैग को रिचार्ज करने के नाम पर कट चुकी है। 

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Fastag - फोटो : AmarUjala

शिकायत करने पर भी सुनवाई नहीं

लोग जब कस्टमर केयर पर अपनी शिकायत को दर्ज करते हैं, तब शिकायत संख्या दे दी जाती है। लेकिन इस शिकायत पर किसी तरह की कोई सुनवाई नहीं होती है। ऐसे में लोगों को लगने लगा है कि एप पर रिचार्ज के नाम पर केवल लूटा जा रहा है। इस बारे में अमर उजाला ने एप को संचालित करने वाली कंपनी आईएचएमसीएल को मेल भी भेजा, लेकिन खबर लिखे जाने तक कोई जवाब नहीं मिला था। 

गूगल प्ले स्टोर पर रह गई 3.3 स्टार रेटिंग 

प्ले स्टोर पर इस एप की रेटिंग केवल 3.3 स्टार रह गई है। ज्यादातर यूजर्स इस एप को अपने मोबाइल फोन से हटा रहे हैं। फिलहाल पूरे देश में केवल 2734 लोग इस एप का इस्तेमाल कर रहे हैं। यूजर्स इस एप को एक स्टार रेटिंग देकर के अपनी टिप्पणी भी दे रहे हैं। 

अब्दुल गनी नाम के एक यूजर ने लिखा है कि एप में बेसिक फीचर्स भी काम नहीं कर रहे है। कई बार कोशिश करने के बाद भी गाड़ी का रजिस्ट्रेशन नंबर सबमिट करने के बाद भी डिटेल नहीं मिल रही है। हर बार यही मैसेज मिलता है कि आपकी गाड़ी रजिस्टर्ड नहीं है। मैं इस एप को जीरो रेटिंग देना चाहता था, लेकिन इसका ऑप्शन नहीं है। 

सोशल मीडिया पर भी लोग कर रहे हैं शिकायत

एप के पैसा लूटने और काम ना करने की शिकायत लोग सोशल मीडिया पर भी कर रहे हैं। शिकायत में केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय, नीतिन गडकरी, आईएचएमसीएल और माईफास्टैग को टैग करते लोग परेशानी बयान कर रहे हैं। लेकिन किसी भी व्यक्ति को इसको लेकर के जवाब नहीं मिला है। 
 


 
 

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