HUL करेगा ऑनलाइन विज्ञापनों में कटौती, इस वजह से उठाया यह बड़ा कदम
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फेसबुक, गूगल पर देती है सबसे ज्यादा विज्ञापन
कंपनी सोशल मीडिया वेबसाइट फेसबुक और सर्च इंजन गूगल पर सबसे ज्यादा अपने ऑनलाइन विज्ञापन देती है। कंपनी ने कहा है कि अगर ऑनलाइन कंपनियां विज्ञापनों के साथ में ऐसा कंटेंट दिखाएंगे जो लोगों की धार्मिक भावनाएं भड़काता है या फिर बच्चों का शोषण करता है।
यूनिलीवर करता है हर साल 9.4 बिलियन डॉलर खर्च
यूनिलीवर हर साल विज्ञापनों पर 9.4 बिलियन डॉलर खर्च करता है, जिसमें से एक तिहाई हिस्सा ऑनलाइन पर जाता है। वहीं भारत में एचयूएल सबसे बड़े विज्ञापनदाताओं में से एक है। भारत में इसके लिए कंपनी ने 3 हजार करोड़ रुपये का बजट रखा है, जिसमें से करीब 20 फीसदी डिजिटल मीडिया पर खर्च किया जाता है। 2020 तक इसके 25 हजार करोड़ रुपये खर्च करने की संभावना है।
भेदभाव को बढ़ावा देने को रोकना मकसद
यूनिलीवर के चीफ मार्केटिंग अधिकारी केथ वीड ने कहा कि कंपनी बढ़ते नस्लभेद, धार्मिक भावनाएं को रोकना चाहता है। इसी कदम के तहत कंपनी ने इस तरह का फैसला लिया है। केथ ने कहा कि उन्होने अपने सभी डिजिटल पार्टनर फेसबुक, गूगल, ट्विटर, स्नैप और अमेजॉन के अधिकारियो से मुलाकात की है और सभी ने उनकी कंपनी की इस पॉलिसी का समर्थन किया है। अपने ब्रांड्स को सेफ रखने के लिए यूनिलीवर ने यह कदम उठाया है।
गूगल, फेसबुक ने किया कदम का स्वागत
एचयूएल के इस कदम का भारत में फेसबुक और गूगल ने स्वागत किया है। दोनों कंपनियों ने बयान जारी करके कहा है कि हम इस कदम पर उनके साथ काम कर रहे हैं और अपने पार्टनर, यूजर व कस्टमर का भरोसा कायम रखने के लिए आने वाले दिनों में ठोस कदम उठाये जाएंगे।