अब आप बिन बीमा कागजात के दौड़ा सकेंगे वाहन
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की डिजिटल इंडिया मुहिम को बढ़ावा देने के लिए आईआरडीए वाहन के कागजों को डिजिटल फोर्मेट में करने में जुट गया है। भारतीय बीमा नियामक प्राधिकरण ने इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए ई-वाहन बीमा योजना की शुरूआत की है।
इसके बाद वाहन स्वामियों को कार या दो पहिया वाहन सड़क पर ले जाते वक्त बीमा के कागजात साथ रखने की आवश्यकता नहीं रहेगी। हालांकि यह योजना केवल तेलंगाना में शुरू हुई है। आईआरडीए धीरे-धीरे इसे अन्य राज्यों में शुरू करने की कवायद में जुटी है।
ई-वाहन बीमा योजना के अंतर्गत मोटर गाड़ियों के बीमा को ऑनलाइन जारी किया जाता है। इसमें एक क्विक रेस्पोंस (QR) कोड वाहन बीमा कराने वाले के नंबर पर भेजा जाता है। इस क्यू आर कोड में पॉलिसी की पूरी डिटेल दी जाती है और यातायात पुलिस इस कोड को स्कैन कर वाहन की पूरी जानकारी ले लेटी है।
अभी तेलंगाना से हुई है शुरूआत
इस योजना को कारगर बनाने के लिए भारतीय बीमा नियामक प्राधिकरण ने 1 दिसंबर 2015 से तेलंगाना में बीमा कंपनियों को ई-वाहन बीमा के साथ पेपर में भी बीमा जारी करने के लिए कहा है ताकि खामियों को दूर कर इसे देशभर में लागू किया जा सके।
बीमा खरीदे जाने पर या रीन्यू करने पर बीमा को डिजिटल फार्मेट में बीमा खरीदने वाले को भेज दिया जाता है। इसे स्मार्टफोन पर पढ़ा जा सकता है। अगर बीमा खरीदने वाले का ई-मेल नहीं है तो उसे बीमा की डिटेल के साथ एक एसएमएम भेजा जाता है।
इस योजना के अमल में आने के बाद गलत बीमा कागजातों के साथ वाहन चलाने वालों पर लगाम लगेगी, क्योंकि जैसे ही क्यू आर कोड स्कैन किया जाएगा गाड़ी की असलियत सामने आ जाएगी।
साथ ही बीमा कंपनियों का कहना है कि बीमा डिजिटल होने के बाद उनके खर्चों में कमी आएगी जिसे वह डिस्काउंट के रूप में बीमा धारकों को दे सकेंगी।