वॉलमार्ट: भारत सहित कई देशों में दी थी रिश्वत, चुकाएगी 1964 करोड़ रुपये का जुर्माना
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमेरिका के भ्रष्टाचार-रोधी नियमों के उल्लंघन करने के आरोपों से घिरी अंतरराष्ट्रीय खुदरा कंपनी वॉलमार्ट इस मामले को निपटाने के लिए अमेरिकी बाजार नियामक एसईसी को 28.2 करोड़ डॉलर (करीब 1,962.5 करोड़ रुपये) का जुर्माना देने पर राजी हो गई है। कंपनी पर भारत, चीन, ब्राजील और मैक्सिको में कारोबार चलाने के लिए अमेरिकी भ्रष्टाचार-रोधी नियमों का उल्लंघन कर वहां के अधिकारियों को रिश्वत खिलाने का आरोप है।
अमेरिकी प्रतिभूति एवं विनिमय आयोग (एसईसी) के मुताबिक, वॉलमार्ट के बिचौलियों ने नियमों का उल्लंघन किया है। उन्होंने बिना उचित मंजूरी के लिए दूसरे देश के सरकारी अधिकारियों को रिश्वत खिलाई। ऐसा करना विदेशी भ्रष्ट व्यवहार कानून (एफसीपीए) के नियमों का उल्लंघन है।
एसईसी ने कंपनी पर एफसीपीए के नियमों के उल्लंघन करने का मामला दर्ज किया है। कंपनी एसईसी के मामले को निपटाने के लिए 14.4 करोड़ डॉलर और आपराधिक मुकदमों को समाप्त करने के लिए करीब 13.8 करोड़ डॉलर देने को तैयार है।
एसईसी ने कहा कि वॉलमार्ट एक दशक से अधिक समय तक भ्रष्टाचार-रोधी अनुपालन कार्यक्रम संचालित करने में विफल रही। इस दौरान उसने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेजी से विस्तार किया। उधर, वॉलमार्ट के एक प्रवक्ता ने कहा कि मामले को सुलझाने के लिए कंपनी के पास पर्याप्त धन है। इससे कंपनी के वित्तीय परिणामों पर असर नहीं पड़ेगा।
मुश्किलों से बच सकती थी कंपनी
एसईसी के प्रवर्तन विभाग के एफसीपीए इकाई के प्रमुख चार्ल्स कैन ने कहा कि वॉलमार्ट ने नियमों के अनुपालन से ज्यादा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कारोबार की वृद्धि और खर्चों में कमी को महत्व दिया। उन्होंने कहा कि कंपनी इनमें से कई समस्याओं से बच सकती थी। लेकिन उसने कई बार चेतावनी देने के बावजूद उसे गंभीरता से नहीं लिया। साथ ही उचित आंतरिक लेखा नियंत्रण के कार्यान्वयन में देरी की।
नहीं की भ्रष्टाचार-रोधी जोखिमों की जांच में विफल रही कंपनी
वॉलमार्टने एसईसी के आदेश पर सहमति जताते हुए कहा कि उसने प्रतिभूति विनिमय अधिनियमि-1934 के नियमों और आंतरिक लेखा नियंत्रण के प्रावधानों का उल्लंघन किया है। एसईसी के आदेश के अनुसार, कंपनी भ्रष्टाचार-रोधी जोखिमों की पर्याप्त जांच या निगरानी करने में असफल रही। इसके अलावा उसने ब्राजील, चीन, भारत और मैक्सिको में कारोबार चलाने के लिए अपनी सहायक कंपनियों को बिचौलियों की नियुक्ति करने की अनुमति दी। इन्ही बिचौलियों ने बिना उचित मंजूरी के वहां के सरकारी अधिकारियों को रिश्वत खिलाई।
सही तरीके से कारोबार करने को प्रतिबद्ध
कंपनी सही तरीके से कारोबार करने के लिए प्रतिबद्ध है। इसका अर्थ है कि हम हर जगह नैतिक रूप से कार्य करते हैं। इसके अलावा हमने अपनी नीतियों और प्रक्रियाओं को दुरुस्त किया है। हम इस मामले को सुलझाने के लिए तैयार हैं। -डग मैकमिलन, अध्यक्ष एवं सीईओ, वॉलमार्ट