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ऑटोमेशन से कस्टमर केयर सर्विस को सर्वाधिक खतरा, मैनेजमेंट तथा मार्केटिंग में नहीं पड़ेगा असर
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Thu, 28 Dec 2017 05:12 PM IST
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कंपनियों द्वारा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) को अधिक से अधिक तरजीह दिए जाने से दुनियाभर में नौकरियां बदलाव की राह पर अग्रसर हैं और ऑटोमेशन के इस अभियान का सर्वाधिक असर सॉफ्टवेयर-आईटी तथा ग्राहक सेवा से जुड़ी नौकरियों पर पड़ेगा।
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रोजगार मूल्यांकन करने वाली कंपनी एस्पाइरिंग माइंड की एक रिपोर्ट के मुताबिक ग्राहक सेवा, सॉफ्टवेयर एवं आईटी तथा अकाउंट से जुड़ी नौकरियों में ऑटोमेशन करने की बेहद उच्च क्षमता है। रिपोर्ट के मुताबिक, ग्राहक सेवा से जुड़ी नौकरियों में ऑटोमेशन की सर्वाधिक (64 फीसदी) क्षमता है और इसे एक उल्लेखनीय स्तर तक स्वचालित किया जा सकता है।
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कर्मचारियों को इससे है चिंता
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग तथा बोट्स युक्त ऑटोमेशन से कर्मचारी चिंतित हैं, क्योंकि विभिन्न कार्यों में मनुष्यों को दरकिनार करने के लिए मशीन तथा बोट्स लाए जा रहे हैं।
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AI में है अपार क्षमता
एस्पाइरिंग माइंड्स के सह-संस्थापक तथा मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) वरुण अग्रवाल ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में हम अपार क्षमता देखते हैं। आने वाले दिनों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कारोबार को अधिक दक्ष बनाने के साथ ही उन्हें बेहतर कर्मचारियों की भर्ती करने में सक्षम बनाएगा।
तर्कक्षमता वाली नौकरियों पर एआई का असर नहीं
रिपोर्ट के मुताबिक, हालांकि ज्ञान से संबंधित कौशल जैसे आगमनात्मक (इंडक्टिव) तथा निगमनात्मक (डिडक्टिव) तर्क क्षमता से जुड़ी नौकरियों पर ऑटोमेशन का कोई असर नहीं पड़ेगा, जिससे आने वाले दिनों में ऐसे कौशल की भारी मांग रहेगी।
वहीं, दूसरी तरफ जनरल मैनेजमेंट तथा मार्केटिंग में ऑटोमेशन की सबसे कम गुंजाइश है, क्योंकि इस क्षेत्र में तार्किक क्षमता की बहुत जरूरत होती है, ताकि वे रचनात्मक व तर्कसंगत फैसले लेने में मदद कर सकें।
ऑटोमेशन से होगी 10 लाख जॉब ओपनिंग
भारत में श्रम बाजार के ऑटोमेशन की क्षमता की पहचान के लिए 10 लाख जॉब ओपनिंग, 30 विभिन्न तरह के जॉब तथा जॉब के 100 कौशल का विश्लेषण किया गया, जिसके बाद रिपोर्ट तैयारी की गई।