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Crude Oil: मंदी की आशंका के बीच 100 डॉलर से नीचे पहुंचा कच्चे तेल का दाम, अभी और आएगी गिरावट
Wed, 06 Jul 2022 09:56 PM IST
Amit Mandal
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Amit Mandal
Updated Wed, 06 Jul 2022 09:56 PM IST
सार
मंदी का असर अब साफ नजर आने लगा है। विदेशी ब्रोकरेज फर्म सिटी ने दावा किया कि इस साल के अंत तक कच्चे तेल की कीमतें 65 डॉलर प्रति बैरल तक गिर सकती हैं।
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crude oil
- फोटो : social media
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विस्तार
मंदी की आशंका के बीच कच्चे तेल का भाव लगातार गिरने लगा है। 5 जुलाई को भी इसमें भारी गिरावट आई। बीते दिन अमेरिकी बेंचमार्क क्रूड ऑयल का दाम 100 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आ गया। विशेषज्ञों का कहना है कि आर्थिक मंदी की वजह से पेट्रोलियम पदार्थों की मांग में गिरावट आ सकती है।
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65 डॉलर प्रति बैरल तक गिर सकती हैं कीमतें
मंदी की वजह से क्रूड ऑयल के रेट में गिरावट देखी जा रही है। इस बीच विदेशी ब्रोकरेज फर्म सिटी ने दावा किया कि इस साल के अंत तक कच्चे तेल की कीमतें 65 डॉलर प्रति बैरल तक गिर सकती हैं। वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड 8.4% यानी 9.14 डॉलर की गिरावट के साथ 99.29 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया है। इससे पहले मई में इंटरमीडिएट क्रूड का भाव 100 डॉलर प्रति बैरल से नीचे गिरा था।
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सिटी ग्रुप का दावा है कि क्रूड ऑयल के दामों में गिरावट सिर्फ इस साल नहीं, बल्कि अगले साल भी जारी रह सकती है। 2023 के अंत तक क्रूड ऑयल का भाव गिरकर 45 डॉलर प्रति बैरल तक आ सकता है। रॉयटर्स की एक रिपोर्ट में सिटी ग्रुप के हवाले से कहा गया है- ऐसा लग रहा है कि 2022 और 2023 में रूसी कच्चे तेल का निर्यात मजबूत बना रह सकता है. सिटी ने कहा कि आगे वैश्विक कच्चे तेल की मांग में कमजोरी से इंवेंट्रीज (तेल का स्टॉक) बढ़ जाएंगी। इस वजह से आगे चलकर कीमतें और कमजोर होंगी।
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