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Oil Companies: तेल कंपनियों को हो सकता है 21,270 करोड़ का घाटा
Mon, 10 Oct 2022 05:33 AM IST
Amit Mandal
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Amit Mandal
Updated Mon, 10 Oct 2022 05:33 AM IST
सार
आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज ने एक रिपोर्ट में कहा, 6 महीने से पेट्रोल-डीजल की कीमतें स्थिर रखने के कारण इन कंपनियों को नुकसान हो रहा है, क्योंकि बिक्री का भाव लागत से कम है।
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तेल कंपनियों को घाटा
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
देश की तीन प्रमुख पेट्रोलियम कंपनियों को जुलाई से सितंबर तिमाही के बीच भी घाटा होने का अनुमान है। इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम को 21,270 करोड़ रुपये का घाटा हो सकता है। यह पहली बार होगा, जब इन कंपनियों को लगातार दो तिमाहियों में नुकसान हो सकता है।
आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज ने एक रिपोर्ट में कहा, 6 महीने से पेट्रोल-डीजल की कीमतें स्थिर रखने के कारण इन कंपनियों को नुकसान हो रहा है, क्योंकि बिक्री का भाव लागत से कम है। पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में तीनों को 18,480 करोड़ का घाटा हुआ था।
मंदी की आशंका के बीच 7% रहेगी भारत की विकास दर
नई दिल्ली। वैश्विक अर्थव्यवस्था के मंदी में फंसने की आशंका के बीच भारत 2022-23 में 7 फीसदी वृद्धि दर के साथ सबसे मजबूत अर्थव्यवस्था के रूप में उभरेगा। प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद (ईएसी-पीएम) के सदस्य संजीव सान्याल ने रविवार को कहा कि बीते वर्षों में नरेंद्र मोदी सरकार ने आपूर्ति पक्ष में जो सुधार किए हैं, उनके कारण ही भारतीय अर्थव्यवस्था पहले के मुकाबले कहीं अधिक लचीली और जुझारू हो सकी है। एजेंसी
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आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज ने एक रिपोर्ट में कहा, 6 महीने से पेट्रोल-डीजल की कीमतें स्थिर रखने के कारण इन कंपनियों को नुकसान हो रहा है, क्योंकि बिक्री का भाव लागत से कम है। पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में तीनों को 18,480 करोड़ का घाटा हुआ था।
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मंदी की आशंका के बीच 7% रहेगी भारत की विकास दर
नई दिल्ली। वैश्विक अर्थव्यवस्था के मंदी में फंसने की आशंका के बीच भारत 2022-23 में 7 फीसदी वृद्धि दर के साथ सबसे मजबूत अर्थव्यवस्था के रूप में उभरेगा। प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद (ईएसी-पीएम) के सदस्य संजीव सान्याल ने रविवार को कहा कि बीते वर्षों में नरेंद्र मोदी सरकार ने आपूर्ति पक्ष में जो सुधार किए हैं, उनके कारण ही भारतीय अर्थव्यवस्था पहले के मुकाबले कहीं अधिक लचीली और जुझारू हो सकी है। एजेंसी
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