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कोरोना : दूसरी लहर में लॉकडाउन का भारतीय अर्थव्यवस्था पर हुआ कम असर
Tue, 18 May 2021 03:20 AM IST
Kuldeep Singh
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Kuldeep Singh
Updated Tue, 18 May 2021 03:20 AM IST
सार
- अप्रैल के महीने में सरकार को जीएसटी से रिकॉर्ड 1.42 लाख करोड़ रुपए के राजस्व की प्राप्ति हुई है
- अंतरराष्ट्रीय रेटिंग एजेंसियों और विशेषज्ञों का मानना था कि इस वर्ष जीडीपी की वृद्धि दर 12 प्रतिशत के आसपास रहेगी, लेकिन जेपी मॉर्गन ने इसे घटाकर 11 प्रतिशत कर दिया है जबकि मूडीज के अनुसार, यह 9.3 प्रतिशत रहेगी
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भारतीय अर्थव्यवस्था
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विस्तार
कोरोना की दूसरी लहर की वजह से अलग-अलग प्रदेशों में चल रहा लॉकडाउन भारतीय अर्थव्यवस्था को प्रभावित तो करेगा, लेकिन यह असर पिछले वर्ष के मुकाबले काफी कम होगा।
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पिछले वित्तीय वर्ष की पहली तिमाही में हुए देशव्यापी लॉकडाउन से अर्थव्यवस्था 23.9 प्रतिशत सिकुड़ गई थी। इस बार अधिकतर प्रदेशों में आंशिक लॉकडाउन किया गया है। भले ही बाजार बंद हों, लेकिन औद्योगिक गतिविधियां जारी हैं। यही वजह है कि पिछले वर्ष की तरह कामगारों का पलायन नहीं हुआ है।
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रेटिंग एजेंसियों ने जीडीपी की वृद्धि दर के आंकड़े घटाए
अंतरराष्ट्रीय रेटिंग एजेंसियों और विशेषज्ञों का मानना था कि इस वर्ष जीडीपी की वृद्धि दर 12 प्रतिशत के आसपास रहेगी। लेकिन जेपी मॉर्गन ने इसे घटाकर 11 प्रतिशत कर दिया है जबकि मूडीज के अनुसार, यह 9.3 प्रतिशत रहेगी। अप्रैल के महीने में वाहनों की बिक्री 30 प्रतिशत घट गई। जबकि मनरेगा के तहत रोजगार की मांग 2.45 करोड़ हो गई। ट्रैक्टर और मोटरसाइकिल की बिक्री में दहाई अंक में आई कमी ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर असर का संकेत है।
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रिकॉर्ड जीएसटी संग्रह
अप्रैल के महीने में सरकार को जीएसटी से रिकॉर्ड 1.42 लाख करोड़ रुपए के राजस्व की प्राप्ति हुई है। लेकिन यह उससे पिछले महीने हुई आर्थिक गतिविधियों का द्योतक है। ई-वे बिल की संख्या मार्च के सात करोड़ के मुकाबले अप्रैल में 5.8 करोड़ रह गई। स्टील, ईंधन और सीमेंट की खपत में भी गिरावट आई।
सेवा क्षेत्र प्रभावित
लॉकडाउन की वजह से होटल, रेस्टोरेंट्स, यात्रा, पर्यटन जैसे सेवा क्षेत्रों पर काफी असर पड़ा है। सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनॉमी (सीएमआईई) के आंकड़ों के मुताबिक उपभोक्ता भावना सूचकांक में अप्रैल में 3.8 प्रतिशत की गिरावट आई है।