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जानिए GST से आपके बिजनेस पर क्या पड़ेगा असर?

Mon, 05 Jun 2017 12:04 PM IST
amarujala.com- presented by: मनीष कुमार
amarujala.com- presented by: मनीष कुमार Updated Mon, 05 Jun 2017 12:04 PM IST
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know the facts which change your business after GST will be applied 

1 जुलाई 2017 को देशभर में जीएसटी लागू होने जा रहा है। जीएसटी के लागू होने के बाद इसका सीधा असर बड़े इंवेस्टर से लेकर छोटे इंवेस्टर पर पड़ेगा। आइए आपको बताते हैं जीएसटी से जुड़े वो अहम पहलू, जिससे लोगों को इसके हिसाब से अपने बिजनेस को बदलना होगा।

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जीएसटी के तहत रजिस्ट्रेशन जरूरी
जो भी व्यापारी 20 लाख से ज्यादा का सालाना व्यापार करता है उसे जीएसटी के तहत रजिस्ट्रेशन जरूर कराना होगा। जो भी इंटर-स्टेट और ई-कॉमर्स के जरिए सप्लाई करते हैं उनके लिए रजिस्ट्रेशन करवाना जरूरी होगा। साथ ही जो करदाता वैट और सर्विस टैक्स में रजिस्टर्ड हैं, उन्हें भी रजिस्टर करना होगा। 
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ऐसे करें रजिस्ट्रेशन
जीएसटी में माइग्रेट होने के लिए करदाता को आयकर विभाग की ओर से मिले एक प्रोविजनल आईडी और पासर्वड की जरूरत होगी। इस आईडी और पासर्वड को जीएसटी के कॉमन पोर्टल पर भी इस्तेमाल किया जा सकेगा। वेबसाइट पर जाकर करदाता को फॉर्म के साथ फॉर्म नंबर 20 भी देना होगा और इसके साथ बाकी सहयोगी दस्तावेज भी देने होंगे। इस रजिस्ट्रेशन के बाद करदाता को एक सर्टिफिकेट मिलेगा जोकि 6 महीने तक वैध रहेगा।

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रजिस्ट्रेशन से क्या होगा फायदा
जीएसटी के तहत रजिस्ट्रेशन कराने के बाद करदाता इनपुट टैक्स क्रेडिट का दावा कर सकते हैं। इसका मतलब है कि भुगतान करते समय, जो बिजनेसमेन ने अपनी बिक्री पर इकट्ठा किया है वो व्यवसाय के लिए इस्तेमाल किए गए इनपुट पर जीएसटी को कम कर सकते हैं।

सभी जीएसटी के दिशा-निर्देश कागज रहित होंगे। जीएसटी रिटर्न ऑनलाइन करना होगा इसलिए, यह रिकॉर्ड रखने के एक इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम पर जाने के लिए फायदेमंद होगा। कर भुगतान, टैक्स क्रेडिट और जीएसटी की वापसी की प्रक्रिया इलेक्ट्रॉनिक रूप से की जाएगी। टैक्स में छूट लेने वाले डिलर्स को साल में चार बार यानि हर तीन महीने में रिटर्न भरना होगा। 

रजिस्ट्रेशन नहीं किया तो होगा ये नुकसान
जीएसटी के तहत अगर एक व्यापारी टैक्स नहीं भरता है या देर करता है, तो उसपर 10 फीसदी का हर्जाना भुगतना होगा। अगर धोखाधड़ी बड़ी होती है, तो ये हर्जाना 100 फीसदी तक जा सकता है।

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