खुशखबरीः इस सेक्टर में बढ़ी नौकरियां, 3 माह के उच्च स्तर पर पहुंचा इंडेक्स, उत्पादन में दिखी ग्रोथ
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51.7 पर आया पीएमआई इंडेक्स
दिसंबर से ही सेवा क्षेत्र की गतिविधियों तथा रोजगार में वृद्धि दर्ज की जा रही है, हालांकि दीर्घकालिक औसत की तुलना में यह फिर भी कम है। जनवरी में निक्केई सर्विसेज बिजनेस एक्टिविटी इंडेक्स दिसंबर के 50.9 से सुधरकर 51.7 पर रहा, जो तेजी से विस्तार का सूचक है।
लगातार दूसरे माह 50 से ऊपर
जनवरी में लगातार दूसरे महीने इंडेक्स 50 से ऊपर रहा। नवंबर माह में इंडेक्स 48.5 पर था। इंडेक्स अगर 50 से ऊपर होता है, तो वह क्षेत्र में हुए विस्तार को दर्शाता है, जबकि अगर यह 50 के नीचे है, तो गिरावट का संकेत है।
इस बीच विनिर्माण क्षेत्र में विस्तार की रफ्तार हालांकि दिसंबर के 60 माह के ऊपरी स्तर से घटी है, नतीजतन निक्केई कंपोजिट आउटपुट इंडेक्स की रीडिंग घटकर जनवरी में 52.5 पर आ गई, जो दिसंबर में 53.0 पर थी।
सर्विस इंडस्ट्री में बढ़ी डिमांड
आईएचएस मार्किट में अर्थशास्त्री तथा रिपोर्ट की लेखिका आशना डोढिया ने बताया कि जनवरी में भारत के सेवा क्षेत्र में सुधार जारी रहा, साथ ही मांग में सुधार आने की वजह से जून 2017 के बाद उत्पादन में तेज वृद्धि दर्ज की गई।
भारतीय सेवा प्रदाताओं ने लगातार पांचवें महीने जनवरी में कर्मचारियों की भर्तियां जारी रखकर व्यापार निवेश व उत्पादन से संबंधित समस्याओं का समाधान किया। कुल मिलाकर, बीते सितंबर के बाद पिछले महीने भर्ती की रफ्तार सबसे तेज रही।
डोढिया ने कहा कि सेवा क्षेत्र की उत्पादन लागत में वृद्धि ऐतिहासिक मानकों की तुलना में कम रही, हालांकि सेवा प्रदाता बढ़ती लागत के अधिकांश हिस्से को ग्राहकों पर डालने में सक्षम रहे।
उन्होंने कहा कि इस बीच, बीते साढे़ छह साल में दूसरे महीने भर्तियों में जबरदस्त तेजी दर्ज की गई, लेकिन कंपनियों को समय पर भुगतान पाने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।