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भारतीय विदेशी मुद्रा भंडार पहली बार पहुंचा 400 बिलियन के पार
amarujala.com- Presented By: विकास कुमार
Updated Sat, 16 Sep 2017 10:07 AM IST
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- फोटो : file photo
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भारतीय विदेशी मुद्रा भंडार पहली बार रिकॉर्ड 400 अरब के पार पहुंच गया है। आरबीआई द्वारा शुक्रवार को जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक, सप्ताह के अंत तक भारत का विदेश मुद्रा भंडार 400 अरब के पास पहुंच गया।
आंकड़ों के मुताबिक, बीते साढ़े तीन साल में इसमें 100 अरब की वृद्धि हुई है। इस साल विदेश मुद्राओं का आयात सबसे अधिक हुआ है। पहली तिमाही में विदेशी मुद्रा भंडार में 6.6 अरब डॉलर की वृद्धि हुई है।
सितंबर 2016 में उर्जित पटेल ने भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर के रूप में पदभार संभाला था, तब से लेकर अब तक इसमें 30 अरब डॉलर की वृद्धि हुई है। विदेशी मुद्रा भंडार में सबसे अधिक हिस्सेदारी फॉरेन करेंसी एसेट (एफसीए), ड्रॉइंग राइट्स और सोने की है।
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आरबीआई ने विदेश मुद्रा भंडार को डॉलर में पेश किया है। इस भंडार में पाउंड, स्टर्लिग, येन और अन्य अंतर्राष्ट्रीय मुद्राओं के मूल्यों में होने वाले उतार-चढ़ाव का सीधा असर पड़ता है।
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आंकड़ों के मुताबिक, बीते साढ़े तीन साल में इसमें 100 अरब की वृद्धि हुई है। इस साल विदेश मुद्राओं का आयात सबसे अधिक हुआ है। पहली तिमाही में विदेशी मुद्रा भंडार में 6.6 अरब डॉलर की वृद्धि हुई है।
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सितंबर 2016 में उर्जित पटेल ने भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर के रूप में पदभार संभाला था, तब से लेकर अब तक इसमें 30 अरब डॉलर की वृद्धि हुई है। विदेशी मुद्रा भंडार में सबसे अधिक हिस्सेदारी फॉरेन करेंसी एसेट (एफसीए), ड्रॉइंग राइट्स और सोने की है।
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आरबीआई ने विदेश मुद्रा भंडार को डॉलर में पेश किया है। इस भंडार में पाउंड, स्टर्लिग, येन और अन्य अंतर्राष्ट्रीय मुद्राओं के मूल्यों में होने वाले उतार-चढ़ाव का सीधा असर पड़ता है।