पेट्रोल पंपों पर चोरी रोकने के लिए एचपीसीएल ने उठाया यह बड़ा कदम
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पेट्रोल पंपों पर आए दिन होने वाली चोरी की शिकायतें पर गौर करते हुए तेल कंपनियों ने कदम उठाना शुरू कर दिया है। हिंदुस्तान पेट्रोलियम अगले साल तक अपने सभी पेट्रोल पंपों को स्वाचलित कर देगा, जिसके बाद घटतौली की शिकायतें बिलकुल कम हो जाएंगी।
देश में बचे हैं 6 हजार पंप
एचपी के करीब देश भर में 15 हजार पंप हैं। इनमें से 9 हजार पंप पूरी तरह से स्वचालित हैं, हालांकि 6 हजार पंपो पर अभी भी पेट्रोल-डीजल गाड़ियों में कर्मचारी खुद ही डालते हैं। इनमें से अधिकांश पंप छोटे शहरों, कस्बों व गांवों के पास बने हैं। अभी इनकी मॉनेटरिंग भी नहीं होती है।
ऑनलाइन होगी मॉनेटरिंग
एचपीसीएल के कार्यकारी निदेशक टी आर सुदंररमण ने कहा है कि उनकी कंपनी सभी पेट्रोल पंपों को सीथे सर्वर से कनेक्ट कर देगी, जिससे इनकी मॉनेटरिंग हो सकेगी। इससे पंप कर्मी पेट्रोल-डीजल देते वक्त किसी भी तरह की छेड़छाड़ नहीं कर पाएगा।
जारी हुई थी रिपोर्ट
हाल ही में पेट्रोलियम मंत्रालय ने एक रिपोर्ट पेश की थी, जिसमें 2015 से 2017 तक पेट्रोल पंपों पर ग्राहकों के साथ होने वाली धोखाधड़ी के मामलों का पूरा लेखा-जोखा था। इस रिपोर्ट के मुताबिक कई पेट्रोल पंपों पर ग्राहकों से पैसे तो लिए जाते हैं, लेकिन उन्हें कम पेट्रोल दिया जाता है।
ऐसे होती है घटतौली
कई बार पंप ऑपरेटर मशीन में रुपये भरता है, जितना ग्राहक पेट्रोल चाहते हैं। नॉजेल को कार-बाइक की टंकी में डालते ही मीटर को चला दिया जाता है, लेकिन मीटर तय कीमत से पहले या बाद में रुक जाता है। इससे एक लीटर पेट्रोल में कम से कम 200 एमएल तक की कमी की जाती थी।