HDFC बैंक के ग्राहक हैं तो पढ़ लीजिए ये खबर, बदले सेविंग अकाउंट-एफडी के लिए नियम
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प्राइवेट सेक्टर के दूसरे सबसे बड़े बैंक HDFC ने एक बार फिर से अपने ग्राहकों को झटका दे दिया है। बैंक ने अपने सेविंग बैंक अकाउंट और फिक्स डिपॉजिट करने के नियमों में बदलाव कर दिया है, जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा।
बढ़ाया सेविंग अकाउंट में मिनिमम बैलेंस
बैंक ने अपने क्लासिक कस्टमर्स के लिए सेविंग अकाउंट में मिनिमम बैलेंस की राशि को बढ़ा दिया है। पहले इन अकाउंट होल्डर्स को अपने अकाउंट में कम से कम 35 हजार रुपये रखने होते थे। अब इसको बढ़ाकर के 1 लाख रुपये कर दिया है।
इससे ऐसे कस्टमर के लिए दिक्कतें बढ़ गई हैं, क्योंकि या तो उन्हें अपने खाते में इतना बैलेंस रखना होगा अगर वो पेनाल्टी नहीं चाहते हैं, नहीं तो अपने सेविंग खाते को किसी अन्य स्कीम में ट्रांसफर कराना होगा।
एफडी अकाउंट के लिए भी बढ़ाया मिनिमम बैलेंस
बैंक ने फिक्स डिपॉजिट के लिए मिनिमम बैलेंस को बढ़ा दिया है। बैंक के अनुसार अब टर्म डिपॉजिट के लिए कम से कम 5 लाख रखने होंगे। इससे कम का फिक्सड टर्म डिपॉजिट बैंक नहीं करेगा।
9 दिसंबर से लागू होंगे नए नियम
बैंक के अनुसार नए नियम 9 दिसंबर से लागू होंगे। बैंक ने चेक के प्रयोग को कम करने के लिए इसकी फीस को बढ़ा दिया है। साथ ही अब कस्टमर को साल में केवल 25 लीफ वाली एक ही चेकबुक मिलेगी। पहले साल में इस तरह की दो चेकबुक मिलती थी। अतिरिक्त चेक बुक मंगाने पर 75 रुपये चार्ज लगेगा।
चेक बाउंस होने पर भी बढ़ा चार्ज
अब खाते में पर्याप्त बैलेंस न होने पर चेक बाउंस होने पर भी चार्ज को बढ़ा दिया गया है। अब प्रत्येक ऐसे चेक पर बैंक 500 रुपये चार्ज करेगा। वहीं अगर कोई चेक डिपॉजिट होने के बाद वापस चला जाता है तो अब उस पर 100 रुपये के बजाए 200 रुपये लगेंगे। यह सभी चार्ज सेविंग और सैलरी अकाउंट पर बैंक लगाएगा, जो लंबे समय से इनएक्टिव हैं।
फंड ट्रांसफर को किया था सस्ता
बैंक ने कैशलेस ट्रांजेक्शन को बढ़ावा देने के लिए पैसा ऑनलाइन ट्रांसफर करना फ्री कर दिया था। बैंक अब अपने ग्राहकों से ऑनलाइन NEFT और RTGS ट्रांजेक्शन करने पर किसी तरह कोई चार्ज नहीं लेगा।