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जीएसटीएन कर चोरी पकड़ने में अधिकारियों की मदद के लिए कर रही उपाय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Sun, 24 Jun 2018 07:17 PM IST
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देश में माल एवं सेवा कर व्यवस्था के तहत कर वसूली के लिये नेटवर्क प्लेटफार्म उपलब्ध कराने वाली कंपनी जीएसटी नेटवर्क अब साफ्टवेयर में ऐसा उपाय कर रही है जिससे की अधिकारियों को करदाताओं द्वारा दी गई जानकारी का विश्लेषण करना आसान होगा और उसमें किसी संभावित कर चोरी का भी पता लगाया जा सकेगा। एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी।
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पिछले 11 महीने से भी अधिक समय से जीएसटी नेटवर्क करदाताओं को जीएसटी रिटर्न दाखिल करने और कर भुगतान के लिये आनलाइन नेटवर्क की समूची प्रौद्योगिकी और सुविधा उपलब्ध करा रही है। प्रणाली को चलाने और उसके काम करने का पूरा जिम्मा जीएसटीएन की देखरेख में है।
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जीएसटीएन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रकाश कुमार ने कहा कि कंपनी का अगला ध्यान अब पोर्टल पर सूचनाओं का विश्लेषण तथा यूजर इंटरफेस बेहतर करने पर है। कंपनी 27 राज्यों के लिए आकलन, लेखा-जोखा, अपील तथा अग्रिम नियमावली के लिए प्रणाली विकसित कर रही है।
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कुमार ने एक न्यूज एजेंसी से कहा, ‘‘हम विश्लेषण वाले हिस्से पर काम कर रहे हैं। हमने पहले ही जीएसटीआर -3 बी और जीएसटीआर -1 के बीच तथा जीएसटीआर-3 बी और जीएसटीआर -2 ए में अंतर के बारे में कर अधिकारियों को सामान्य विश्लेषण आधारित देनी शुरू कर दी है। यह जीएसटीएन द्वारा तैयार राज्य-वार विस्तृत आंकड़ा है जिसके आधार पर अधिकारी अपने न्यायाधिकार क्षेत्र में करदाताओं द्वारा दायर रिटर्न को परख सकते हैं और गलतियों को पकड़ सकते हैं।’’
उन्होंने कहा कि जीएसटरएन अभी कर अधिकारियों की मदद कर रही है। ‘‘आने वाले समय में धीरे धीरे हम उन्हें समाधान मुहैया करा रहे हैं जिससे वे खुद ही आंकड़ों का आकलन कर सकें। हम कर आयुक्तों के लिए एक सॉफ्टवेयर विकसित कर रहे हैं जिससे वे बिना किसी बाहरी मदद के आंकड़ों का विश्लेषण कर सकें और किसी भी संभावित गड़बड़ी का पता लगा सकें।’’