बदल सकते हैं जीएसटी रिटर्न भरने के नियम, इस हफ्ते काउंसिल लेगा फैसला
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करदाताओं पर जीएसटी अनुपालन का बोझ कम करने के मद्देनजर सरकार हर महीने कम से कम तीन रिटर्न दाखिल करने की अनिवार्यता की समीक्षा कर सकती है। यह बात अधिकारियों ने कही।
अभी कंपनियों को हर महीने के लिए जीएसटीआर-1, जीएसटीआर-2 और जीएसटीआर-3 फॉर्म में रिटर्न दाखिल करना पड़ता है। इन फॉर्मों में कर योग्य वस्तुओं एवं/या सेवाओं की दूसरों को की जाने वाली आपूर्ति, इनपुट टैक्स क्रेडिट का दावा करने के लिए दूसरों से ली जाने वाली आपूर्ति और मासिक रिटर्न के विवरण भरे जाते हैं।
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कारोबारियों ने जुलाई महीने का रिटर्न दाखिल करने के दौरान इनवॉयस मिलान करने में समस्या आने की शिकायतें की हैं। एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने कहा कि जीएसटीआर-1, 2 और 3 दाखिल करने के नियमों की समीक्षा होगी।
कारोबारियों ने जीएसटीआर-2 दाखिल करने के दौरान इनवॉयस मिलान करने में समस्या आने की शिकायतें की हैं। यह समीक्षा की जाएगी कि क्या इनवॉयस मैचिंग को आने वाले महीनों में भी जारी रखा जाएगा।
एक जुलाई से लागू जीएसटी प्रणाली के तहत सरकार ने कारोबारियों को अगले महीने की 20 तारीख तक प्रारंभिक रिटर्न दाखिल करने और कर का भुगतान करने के लिए जीएसटीआर-3बी फॉर्म दाखिल करने की इजाजत दी है। यह फॉर्म सिर्फ जुलाई से दिसंबर तक के लिए वैध है और जनवरी से इसका उपयोग बंद हो जाएगा।
2.78 लाख करोड़ की राजस्व वसूली
अधिकारी ने कहा कि जीएसटी परिषद की बैठक में जीएसटीआर-3बी फाइलिंग के दिसंबर के बाद भी जारी रखने पर विचार किया जा सकता है, क्योंकि सीबीईसी का मानना है कि प्रारंभिक रिटर्न फाइलिंग में स्थिरता आ चुकी है और कारोबारी नई प्रणाली के अभ्यस्त हो चुके हैं। जीएसटी लागू करने के बाद प्रथम तीन महीनों में करीब 2.78 लाख करोड़ की राजस्व वसूली हुई है, जिसमें आईजीएसटी वसूली भी शामिल है।
47 लाख ने दाखिल किया है जुलाई जीएसटीआर-1
अंतिम जीएसटी रिटर्न जीएसटीआर-1, 2 और 3 फॉर्म जमा कर दाखिल किया जाना है। कंपनियों ने जुलाई महीने के लिए जीएसटीआर-1 रिटर्न दाखिल कर दिया है, जो कि बिक्री रिटर्न है और 47 लाख से अधिक कंपनियों ने इसे दाखिल किया है।
इन बिक्री रिटर्न का मिलान खरीद इनवॉयस से किया जाना है, जिसे जीएसटीआर-2 में दाखिल किया जाना है। अभी तक जुलाई के लिए 21 लाख से अधिक कंपनियों ने जीएसटीआर-2 दाखिल किया है और दाखिल करने की अंतिम तिथि को एक महीने बढ़ाकर 30 नवंबर तक कर दिया गया है।
जीएसटीआर-1 और 2 का मिलान करने के बाद कंपनियों को जुलाई के लिए जीएसटीआर-3 दालिख करना है, जिसकी आखिरी तिथि 11 दिसंबर है। अधिकारी ने कहा कि इनवॉयस का मिलान एक मुद्दा रहा है और यह राय है कि हम समस्या खत्म होने के लिए कुछ और समय का इंतजार कर सकते हैं और तब तक के लिए हम शायद जीएसटीआर-3बी को दिसंबर के बाद भी आगे बढ़ा सकते हैं।