GST Council: 1 अप्रैल से नहीं लागू होगा ई-वे बिल, कारोबारियों के हाथ लगी यह बड़ी निराशा
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गुड्स एंड सर्विस टैक्स (जीएसटी) काउंसिल की 26वीं बैठक से कारोबारियों को फिलहाल निराशा हाथ लगी है। 1 अप्रैल से ई-वे बिल को लागू करने के साथ ही सिंगल रिटर्न फॉर्म को लागू करने को लेकर के फिलहाल किसी तरह की कोई सहमति नहीं बनी है। शनिवार को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में काउंसिल की वित्त मंत्री अरुण जेटली की अध्यक्षता में इसका फैसला लिया गया है।
Existing system of filing returns has been extended for another 3 months and meanwhile Group of Ministers on the Income Tax will look into it & consult tax experts among others: Union Finance Minister Arun Jaitley pic.twitter.com/dqdz3vrEYg
— ANI (@ANI) March 10, 2018
15 अप्रैल से लागू होगा ई-वे बिल
काउंसिल में फैसला लिया गया है कि ई-वे बिल को 1 अप्रैल के बजाए 15 अप्रैल से फिलहाल चार राज्यों में लागू किया जाएगा। यह 4 राज्य हैं केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु और दिल्ली। ई-वे बिल चरणबद्ध तरीके से 4 राज्यों के लॉट में लागू होगा।
यानि पहले 4 राज्यों में ई-वे बिल लागू होगा और उसके बाद अन्य 4 राज्यों में ई-वे बिल लागू होगा। पहले इसे 15 फरवरी से लागू किया जाना था, लेकिन अब इसकी तारीख को आगे खिसका दिया गया है।
GST Council recommended introduction of e-way bill for inter-State movement of goods across country from 1st April '18. E-way bill system will be introduced w.e.f. a date to be announced in phased manner but not later than 1st June '18: Ministry of Finance
— ANI (@ANI) March 10, 2018
कारोबारियों को भरना होगा 3 रिटर्न फॉर्म
ई-वे बिल के नियमों में किया बदलाव
केंद्र सरकार ने ई-वे बिल के नियमों में बदलाव किया है। सरकार को उम्मीद है कि इस बदलाव से ई-कॉमर्स कंपनियों को वस्तुओं के सुचारू परिवहन में मदद मिलेगी और वस्तुओं के मूल्य की गणना करने का तरीका सरल होगा।
सरकार ने ई-वे बिल के नियमों में बदलाव की अधिसूचना जारी कर दी है, जिसमें वस्तुओं को लाने ले जाने के लिए जॉब वर्कर्स को भी इलेक्ट्रॉनिक रसीद निकालने की अनुमति दी गई है। 50,000 रुपये से अधिक मूल्य के माल को एक राज्य से दूसरे राज्य लाने ले जाने के लिए 15 अप्रैल से इलेक्ट्रॉनिक वे या ई-वे बिल की जरूरत होगी।
काउंसिल ने 1 जुलाई तक रिवर्स चार्ज मैकेनिज्म को टालने का फैसला लिया है।