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Paytm Payments Services: पेटीएम भुगतान सेवाओं में चीन के FDI की जांच कर रही सरकार, जानें पूरा मामला
Sun, 11 Feb 2024 07:08 PM IST
निर्मल कांत
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: निर्मल कांत
Updated Sun, 11 Feb 2024 07:08 PM IST
सार
Paytm Payments Services: सूत्रों ने बताया कि एक अंतर-मंत्रालयी समिति पीपीएसएल में चीन के निवेश की जांच कर रही है। एफडीआई मुद्दे पर विचार विमर्श और व्यापक जांच के बाद ही फैसला लिया जाएगा।
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पेटीएम पेमेंट्स बैंक
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
सरकार पेटीएम पेमेंट्स सर्विसेज लिमिटेड (पीपीएसएल) में चीन से प्रत्यक्ष विदेश निवेश (एफडीआई) की जांच कर रही है। पीपीएसएल, वन-97 कम्युनिकेशन लिमिटेड की सहायक कंपनी है। सूत्रों ने रविवार को यह जानकारी दी।
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पीपीएसएल ने पेमेंट एग्रीगेटर के रूप में काम करने के लिए नवंबर 2020 में भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) में लाइसेंस के लिए आवेदन दायर किया था। हालांकि, आरबीआई ने नवंबर 2022 में इस आवेदन को खारिज कर दिया था। केंद्रीय बैंक ने कंपनी को कहा था कि इस आवेदन को फिर से जमा करें, ताकि एफडीआई नियमों के तहत प्रेस नोट-3 का पालन किया जा सके। वन-97 कम्युनिकेशन लिमिटेड (ओसीएल) ने चीनी फर्म एंट ग्रुप कंपनी में निवेश किया है। इसके बाद कंपनी ने 14 दिसंबर, 2022को जरूरी आवेदन दायर किया था।
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सूत्रों ने बताया कि एक अंतर-मंत्रालयी समिति पीपीएसएल में चीन के निवेश की जांच कर रही है। एफडीआई मुद्दे पर विचार विमर्श और व्यापक जांच के बाद ही फैसला लिया जाएगा।
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प्रेस नोट 3 के मुताबिक, भारत के साथ जमीनी सीमा साझा करने वाले देशों से किसी भी क्षेत्र में निवेश करने के लिए पूर्व अनुमति जरूरी है। भारत के साथ जमीनी सीमा साझा करने वाले देश चीन, बांग्लादेश, पाकिस्तान, भूटान, नेपाल, म्यांमार और अफगानिस्तान हैं।
आरबीआई ने पिछले महीने पेटीएम पेमेंट्स बैंक लिमिटेड (पीपीबीएल) की ओर से 29 फरवरी, 2024 के बाद किसी भी ग्राहक खाते, प्रीपेड इंस्ट्रूमेंट्स, वॉलेट और फास्टैग में जमा या टॉप-अप स्वीकार करने पर रोक लगा दी थी।