सरकारी ई-प्लेटफार्म जेम को सौंपा गया डाकियों के लिए 153 करोड़ रुपये की मोबाइल खरीद का जिम्मा
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देश भर के डाकियों के लिए स्मार्टफोन खरीदने की दौड़ में दूरसंचार मंत्रालय और डाक विभाग के अधिकारियों के साथ गुगली हो गई है। उनकी कारगुजारियों पर रोक लगाकर दूरसंचार मंत्री मनोज सिन्हा ने दो लाख से अधिक मोबाइल खरीद का जिम्मा सरकारी ई-मार्केटप्लेस जेम को सौंपा है। इनकी कीमत 153 करोड़ रुपये से भी ज्यादा है जो भारतीय पोस्ट पेमेंट बैंक (आईपीपीबी) सेवाओं को गति देने के लिए डाकियों को मुहैया कराए जाएंगे।
अधिकारियों की कारगुजारियों पर रोक लगाने के बाद जेम को आईपीपीबी के लिए 202500 स्मार्टफोन खरीद के लिए दो आदेश जारी किए। पहले निजी क्षेत्र की कंपनियों से यह खरीद सीधे करने का प्रयास अधिकारियों ने किया था और टेंडर भी जारी किया जा रहा था, जिस पर दूरसंचार मंत्री सिन्हा ने इसलिए रोक लगा दी। क्योंकि जेम द्वारा खरीद में मोलभाव और बाजार से कम कीमत पर सरकार के लिए खरीद की जाती है, जबकि टेंडर के पुराने तौर-तरीके में बिचौलिए समेत अन्य को लाभ उठाते हैं।
ऐसे ही तमाम कारणों से सरकार ने जेम व्यवस्था कायम की, ताकि गुणवत्तापरक खरीद की जा सके और बड़े पैमाने पर होने वाली खरीद में बाजार से कम कीमत पर सामग्री मिले। जेम को कुल 1,53,79,5000 रुपये का आर्डर आईपीपीबी के लिए मिला है। माना जा रहा है कि जल्द वह इस आदेश को पूरा करेगी और ग्रामीण क्षेत्रों में घर-घर आईपीपीबी की सेवाएं लोगों को मिलेंगी।
कुछ माह पहले की गई थी घोषणा
दूरसंचार मंत्री सिन्हा ने आईपीपीबी के लिए डाकियों को मोबाइल मुहैया कराने की घोषणा कुछ माह पहले की थी। सूत्रों के मुताबिक रोचक बात ये है कि मंत्री इसकी खरीद के लिए आगे कदम बढ़ाते उसके पहले ही डाक विभाग और मंत्रालय के कुछेक अधिकारियों ने रूपरेखा तैयार कर ली। सरकारी खरीद में प्रक्रिया के अनिवार्य होने की वजह से टेंडर जारी करना जरूरी है, लेकिन बीते दो साल में सरकार के लिए जेम ही खरीद करती है।
सूत्रों का कहना है कि ऐसे में मंत्री सिन्हा को अधिकारियों की जल्दबाजी थोड़ी अटपटी लगी। उन्होंने बड़े पैमाने पर स्मार्टफोन खरीदने के मद्देनजर जेम सीईओ राधा चौहान से बात की और आर्डर को अंतिम रूप देकर जेम को भेजा।
650 शाखाओं, 3250 एक्सेस केंद्रों से शुरूआत, दिसंबर तक सभी डाकघर जुड़ेंगे
गौरतलब है कि आइपीपीबी के तहत गांव के लोगों को बचत खाता चालू खाता, मनी ट्रांसफर तथा प्रत्यक्ष लाभांतरण के अलावा बिल, यूटिलिटी एवं व्यापारिक भुगतान जैसी अनेक सेवाएं प्राप्त होंगी। दिल्ली के साथ साथ राज्यों में राजधानी और जिला केंद्रों में 650 शाखाओं में इसका शुरुआत एक सिंतबर से की जा चुकी है।