आम जनता को 4 दिन में, कारोबारियों को एक दिन में मिलेगा पैन नंबर
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ईज आफ डूइंग बिजनेस की तरफ वित्त मंत्रालय ने एक मजबूत कदम उठाया है। इसके तहत जहां आम जनता को आय कर विभाग का स्थायी खाता संख्या -पैन नंबर- तीन से चार दिन में मिल जाएगा वहीं कारोबारियों को एक ही दिन में पैन और टैन नंबर मिल जाएगा। केन्द्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड -सीबीडीटी- के अध्यक्ष अतुलेश जिंदल ने सोमवार को यहां कुछ संवाददाताओं से बातचीत में यह जानकारी दी।
आम जनता को 3-4 दिन में पैन नंबर
उन्होंने बताया कि अब आम जनता के लिए पैन नंबर और कार्ड जारी करने के तंत्र को आधार संख्या के डाटा बेस से जोड़ दिया गया है। अब एनएसडीएल या यूटीआईएसएल की वेबसाइट पर पैन नंबर के लिए आवेदन देने पर उसे आधार संख्या के जरिये वेरीफाई करने को कहा जाएगा।
यह तंत्र उसी तरह काम करता है, जैसे कि आय कर के आनलाइन रिटर्न भरने के दौरान वेरीफिकेशन के लिए आधार संख्या का उपयोग होता है। पैन नंबर के लिए जैसे ही आधार संख्या का उपयोग किया जाता है, आय कर विभाग संबंधित व्यक्ति के आधार डाटा बेस से जानकारी ले लेता है और उसे कई झंझटों से मुक्ति मिल जाती है। पहले पैन नंबर लेने में जहां सात-आठ दिन लगते थे, वहीं अब इस तीन-चार दिन में यह काम हो जाएगा।
कारोबारियों को एक दिन में पैन नंबर, फर्जी पैन कार्ड बनाना मुश्किल
जिंदल ने बताया कि कारोबारियों को तो पैन और टैन नंबर तो एक ही दिन में दिया जा रहा है। इसके लिए कारोबारियों को ई प्लेटफार्म ई बिज पर आवेदन करना होता है। यह प्लेटफार्म कंपनी मामलों के विभाग से संबंधित कारोबारी का डाटा ले लेता है और वहीं से सारी जानकारी जुटा ली जाती है। इसलिए उन्हें एक ही दिन में पैन और टैन नंबर आवंटित कर दिया जाता है।
सीबीडीटी अध्यक्ष के मुताबिक आधार और कंपनी मामलों के विभाग से आंकड़ों का मिलान करने से फर्जी पैन कार्ड बनवाने की घटना पर भी लगाम लगेगी। उल्लेखनीय है कि देश में लाखों लोगों ने एक से ज्यादा पैन कार्ड बनवा रखा है, जिसे आय कर विभाग रद्द कर रहा है। अभी तक अभियान चला कर देश भर में 11 लाख से भी ज्यादा पैन कार्ड रद्द किए जा चुके हैं। सबसे ज्यादा फर्जी पैन कार्ड दिल्ली, मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल, आंध्र प्रदेश में मिले हैं। उल्लेखनीय है कि एक से ज्यादा पैन कार्ड बनाने पर दस हजार रुपए तक के जुर्माने का प्रावधान है।