आर्थिक सर्वेक्षण आज, सामने आएगी अर्थव्यवस्था की तस्वीर
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सरकार आम बजट से एक दिन पहले शुक्रवार को आर्थिक सर्वेक्षण, 2019-20 जारी करेगी। इसके माध्यम से भारतीय अर्थव्यवस्था की वास्तविक तस्वीर सामने आएगी, जिसके आधार पर सरकार बजट तैयार करती है।
मुख्य आर्थिक सलाहकार (सीईए) केवी सुब्रमण्यन की अगुवाई वाली टीम द्वारा तैयार आर्थिक सर्वेक्षण को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की स्वीकृति के बाद संसद के दोनों सदनों में रखा जाएगा। इसके बाद होने वाली प्रेसवार्ता में सुब्रमण्यन अगले वित्त वर्ष के लिए आर्थिक विकास के रोडमैप पर चर्चा करेंगे।
आर्थिक सर्वेक्षण में आर्थिक प्रगति और पिछले 12 महीने में सामने आए मुद्दों की समीक्षा होगी। इसके साथ ही इसमें सरकार द्वारा पेश की गई बड़ी विकास योजनाओं के प्रदर्शन का ब्योरा मौजूद रहेगा। ऐसा अनुमान है कि इसमें टिकाऊ विकास और जलवायु परिवर्तन, कृषि और खाद्य प्रबंधन, उद्योग और बुनियादी ढांचा, सेवा क्षेत्र, रोजगार और मानव विकास जैसे मुद्दे व्यापक रूप से शामिल हो सकते हैं।
बजट सत्र में 45 बिल पारित कराने पर है सरकार की नजर
केंद्र सरकार ने शुक्रवार से शुरू हो रहे बजट सत्र के दौरान संसद में 45 बिलों को पारित कराने के लिए कमर कस ली है। इसके साथ ही उसने अपने विधायी एजेंडे में सात आर्थिक मदों पर भी संसद की मुहर लगवाने का लक्ष्य तय किया है।
संसदीय मामलों के मंत्री प्रहलाद जोशी ने बृहस्पतिवार को सर्वदलीय बैठक के बाद इस बात की जानकारी दी। बजट सत्र की शुरुआत दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद द्वारा संबोधित किए जाने के साथ होगी। इसके बाद शुक्रवार को आर्थिक सर्वे संसद में रखे जाने के बाद एक फरवरी की सुबह 11 बजे आम बजट पेश किया जाएगा, जिस पर 11 फरवरी तक चर्चा होगी।
इसके बाद 2 मार्च को दोबारा दोनों सदन बजट सत्र के लिए आयोजित होंगे, जो 3 अप्रैल को संपन्न होगा। इस तरह 64 दिनों के बजट सत्र के दौरान कुल 31 दिन तक संसद बैठेगी। इनमें 9 बैठक पहले भाग में और 22 दूसरे भाग में रखी गई हैं। बजट सत्र के दोनों हिस्सों में रखे गए अंतराल के दौरान संसद की स्थायी समितियां विभिन्न मंत्रालयों व विभागों की तरफ से की गई अनुदान की मांग का परीक्षण करेंगी।