Cryptocurrency News: क्रिप्टोकरेंसी की कीमत में क्यों आ रही लगातार गिरावट, जानें क्या है इसका अमेरिका से कनेक्शन
Cryptocurrency US Connection: क्रिप्टोकरेंसी की कीमत में हालिया दिनों में लगातार गिरावट देखने को मिली है। इसका बड़ा अमेरिकी कनेक्शन भी है। क्रिप्टो विशेषज्ञों का कहना है कि यह गिरावट अमेरिका में डिजिटल करेंसी को लेकर नई टैक्स नीति के कारण हुई है
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क्रिप्टोकरेंसी को लेकर दुनियाभर में रुझान बढ़ रहा है, भारत में भी क्रिप्टो के निवेशकों की संख्या में इजाफा देखा जा रहा है। हालांकि कोई नियामक न होने के चलते देश में खुलकर कारोबार अभी नहीं हो रहा है, लेकिन जो संकेत मिल रहे हैं उसके मुताबिक सरकार इसे रेगुलेट करने को लेकर नए साल की शुरुआत में निर्णय लिया जा सकता है। बहरहाल, इस बाजार में सबसे ज्यादा चर्चा होती है बड़े उतार-चढ़ाव की। पल में क्रिप्टो का दाम फर्श से अर्श पर पहुंच जाता है और एक झटके में जमीन पर भी आ जाता है। क्रिप्टोकरेंसी की कीमत में हालिया दिनों में लगातार गिरावट देखने को मिली है। इस गिरावट का बड़ा अमेरिकी कनेक्शन भी है।
यूएस की नई टैक्स नीति का असर
एक रिपोर्ट के मुताबिक, क्रिप्टो विशेषज्ञों का कहना है कि क्रिप्टो बाजार में यह गिरावट अमेरिका में डिजिटल करेंसी को लेकर नई टैक्स नीति के कारण हुई है, जो 55,000 करोड़ डॉलर के इंफ्रास्ट्रक्चर बिल का हिस्सा है। इस कानून पर राष्ट्रपति जो बाइडेन ने हस्ताक्षर किए थे। रिपोर्ट में विशेषज्ञों के हवाले से कहा गया है कि हमने देखा है कि यूएस इंफ्रास्ट्रक्चर बिल पर हस्ताक्षर किए गए हैं, जिसकी वजह से उन ट्रेडर्स ने बिकवाली शुरू कर दी है, जो रेगुलेशन और टैक्सेशन को लेकर चिंतित हैं।
सबसे लोकप्रिय करेंसी बिटक्वाइन निचले स्तर पर
दुनिया की सबसे लोकप्रिय डिजिटल करेंसी बिटक्वाइन के दाम इस महीने अपने ऑल टाइम हाई पर पहुंचने के बाद से लगातार गिर रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि इस महीने इसका कारोबार लगातार नीचे की ओर जा रहा है। आंकड़ों को देखें तो जहां बिटक्वाइन आज 45,000 डॉलर के स्तर तक नीचे आ गया है। शुक्रवार को बिटक्वाइन का दाम इस महीने के निचले स्तर तक पहुंच गया। एक अन्य रिपोर्ट के अनुसार, बीते 50 दिनों के उतार-चढ़ाव पर अगर नजर डालें तो बिटक्वाइन में 14 फीसदी की गिरावट देखी गई है।
दूसरी क्रिप्टोकरेंसी के दाम भी हो रहे कम
बाजार पूंजीकरण के हिसाब से दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी इथेरियम भी शुक्रवार को तीन हफ्ते में अपने सबसे निचले स्तर पर 4,014 डॉलर को छू गई। इसके साथ ही आल्टक्वाइन, बियान्से क्वाइन, पोल्काडॉट, डॉजक्वाइन और शीबा इनु में भी इस महीने गिरावट का जो दौर शुरू हुआ, वो अभी भी जारी है। रिपोर्ट में विशेषज्ञों ने कहा कि जब ट्रेड वॉल्यूम कम होता है, तो कुछ बड़े प्लेयर बाजार को अपनी पसंद के हिसाब से दिशा दे सकते हैं। वहीं जब बियर हावी होता है, तो रिटेल प्लेयर बाजार को और नीचे लाते हुए कवर के लिए दौड़ पड़ते हैं।
डिजिटल करेंसी में आगे भी गिरावट रहने की उम्मीद
क्रिप्टोकरेंसी में आ रही लगातार गिरावट पर एक अन्य रिपोर्ट में कहा गया है कि बिक्री का दबाव काफी स्थिर रहा है। ऐसे में संभावना है कि इसमें गिरावट जारी रहेगी, जब तक टोकन को 53,000 डॉलर के करीब सपोर्ट नहीं मिल जाता है। रिपोर्ट के अनुसार, चूंकि ग्लोबल मार्केट हाल के दिनों में सावधान रहा है, जिसकी वजह आर्थिक ग्रोथ, ब्याज दरों और मुद्रास्फीति को लेकर चिंताएं हैं।