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Crypto Crash: बिटक्वाइन-इथेरियम समेत ज्यादातर क्रिप्टोकरेंसी में गिरावट से सहमे निवेशक, जानें क्या है इसका रूस से कनेक्शन
Sat, 22 Jan 2022 01:13 PM IST
दीपक चतुर्वेदी
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: दीपक चतुर्वेदी
Updated Sat, 22 Jan 2022 01:13 PM IST
सार
Global Cryptocurrency Market Cap Plummeted: साल 2022 की शुरुआत क्रिप्टो बाजार के लिए बिल्कुल भी अच्छी नहीं रही। नया साल शुरू होने के साथ ज्यादातर क्रिप्टोरकरेंसी में गिरावट का जो दौर शुरू हुआ वो अभी भी जारी है। ब्लैक फ्राइडे का असर शनिवार को भी दिखाई दिया और बिटक्वाइन-इथेरियम समेत ज्यादातर डिजिटल करेंसी के दाम जमीन पर आ गए। ग्लोबल मार्केट कैप में भी भारी कमी आई है। एक रिपोर्ट के अनुसार, हाल के दिनों में आई गिरावट का रूस के साथ भी बड़ा कनेक्शन है।
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क्रिप्टो बाजार धराशायी
- फोटो : Istock
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विस्तार
साल 2022 की शुरुआत क्रिप्टो बाजार के लिए बिल्कुल भी अच्छी नहीं रही। नया साल शुरू होने के साथ ज्यादातर क्रिप्टोरकरेंसी में गिरावट का जो दौर शुरू हुआ वो अभी भी जारी है। ब्लैक फ्राइडे का असर शनिवार को भी दिखाई दिया और बिटक्वाइन-इथेरियम समेत ज्यादातर डिजिटल करेंसी के दाम जमीन पर आ गए। एक रिपोर्ट के अनुसार, हाल के दिनों में क्रिप्टोकरंसी की वैल्यू में आई गिरावट की प्रमुख वजह रूस के केंद्रीय बैंक द्वारा देश में इनकी माइनिंग पर बैन लगाने का प्रस्ताव है।
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सबसे लोकप्रिय बिटक्वाइन के दिन लदे
दुनिया की सबसे लोकप्रिय क्रिप्टोकरेंसी बिटक्वाइन का हाल शनिवार को भी बेहाल रहा। इसमें 7.08 फीसदी की गिरावट देखने को मिली। इस तरह इसकी कीमत 2,23,200 रुपये कम होकर 29,28,746 रुपये के निचले स्तर तक आ गई। इस गिरावट के साथ बिटक्वाइन का बाजार पूंजीकरण भी गिरकर 55 खरब रुपये पर पहुंच गया। गौरतलब है कि अगस्त 2021 के बाद बिटक्वाइन का यह सबसे निचला स्तर है। इससे पहले आपको बता दें कि बीते साल नवंबर में बिटक्वाइन ने अपना ऑल टाइम हाई का आंकड़ा छुआ था, लेकिन इसके बाद से ही इसके टूटने का सिलसिला जारी है।
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ऑल टाइम हाई से 46% टूटा बिटक्वाइन
गौरतलब है कि पिछले साल नवंबर 2021 में बिटक्वाइन का दाम अपने ऑल टाइम हाई पर पहुंच गया था। नवंबर में बिटकॉइन की कीमत 68,990 डॉलर पहुंच गई थी लेकिन उसके बाद से इसमें लगातार गिरावट आई है। शनिवार तक बिटक्वाइन की कीमत नवंबर में अपने सर्वकालिक उच्च स्तर से 46 फीसदी तक नीचे आ गई है। वहीं साल 2022 की बात करें तो इस साल की शुरुआत से अब तक महीनेभर से भी कम समय में बिटक्वाइन का दाम 15 फीसदी से ज्यादा टूट चुका है।
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इथेरियम का भाव इस साल 20% टूटा
सिर्फ बिटक्वाइन ही नहीं बल्कि दुनिया की टॉप 10 क्रिप्टोकरेंसी समेत दूसरी डिजिटल करेंसी के दामों में भी भारी कमी देखने को मिल रही है। दूयसरी सबसे लोकप्रिय क्रिप्टोकरेंसी की बात करें तो इथेरियम की कीमत बुरी तरह से लुढ़की है। शुक्रवार को जहां इसमें 9 फीसदी की गिरावट देखी गई थी, वहीं शनिवार को इसका दाम 11.59 फीसदी या 26,924 रुपये टूटकर 2,05,323 रुपये रह गया। क्रिप्टोकरेंसी इथेरियम की कीमत में भी पिछले 24 घंटे में भारी गिरावट आई है। इस साल के शुरू होने से अब तक इसमें करीब 20 फीसदी गिरावट आ चुकी है।
ज्यादातर क्रिप्टोकरेंसी का बुरा हाल
बिटक्वाइन और इथेरियम में जहां गिरावट का दौर जारी है तो दूसरी क्रिप्टोकरेंसियों का भी बुरा हाल है। टॉप 10 क्रिप्टोकरेंसियों के दामों पर नजर डालें तो शनिवार को पोल्काडॉट में 18 फीसदी, डॉजक्वाइन में 8 फीसदी, शीबा इनु में 19 फीसदी, लाइटक्वाइन में 11 फीसदी, बिनांस क्वाइन में 13 फीसदी, सोलाना में 16 फीसदी, टेरा में 22 फीसदी और कार्डानो में 9 फीसदी की गिरावट आई है। कुल मिलाकर पिछले चार दिनों में ही क्रिप्टोकरेंसी की वैल्यू में करीब 25 पर्सेंट की गिरावट आई है। वैश्विक क्रिप्टोकरेंसी मार्केट कैप शनिवार को 5 फीसदी से अधिक गिरकर 2 खरब डॉलर के निशान से नीचे 1.98 खरब डॉलर पर आ गया। इससे निवेशकों को खरबों रुपये का नुकसान उठाना पड़ा है।
गिरावट का ये है रूस कनेक्शन
क्रिप्टोकरेंसी को एक अनियमित और जोखिम भरा बाजार माना जाता है। यहां पल में निवेशक आसमान की बुलंदियों पर पहुंच जाता है तो एक झटके में जमीन पर गिर जाता है। यही कारण है भारत में निवेशकों की सुरक्षा के मद्देनजर क्रिप्टो बिल तैयार करना पड़ा। बात करें क्रिप्टो बाजार में हाल में आए भूचाल की तो इसके तार कहीं न कहीं से रूस से जुड़े हैं। विशेषज्ञों की मानें तो क्रिप्टोकरंसी की वैल्यू में गिरावट की प्रमुख वजह रूस के केंद्रीय बैंक द्वारा देश में इनकी माइनिंग पर बैन लगाने का प्रस्ताव है। केंद्रीय बैंक ने कहा कि क्रिप्टोकरंसी से रूस की वित्तीय स्थिरता को खतरा है और इससे लोगों को नुकसान होने के साथ ही देश की मॉनिटरी पॉलिसी भी प्रभावित हो रही है।