क्रिप्टोकरेंसी कंपनी ने 50 करोड़ ठगे: 250 दिनों में रकम तीन गुना करने का दिया झांसा
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बिटकॉइन की तरह और भी क्रिप्टोकरेंसी में अपना पैसा लगाने वाले लोग सावधान हो जायें। क्योंकि बिटकॉइन की तरह एक और क्रिप्टोकरेंसी कंपनी रिपल ने भारत में फर्जीवाड़े को अंजाम देते हुए एक हजार से ज्यादा लोगों को ठग लिया है। दिल्ली-एनसीआर समेत देश भर के निवेशकों से 250 दिनों में रकम तीन गुना कर देने का झांसा रिपल ने दिया और 50 करोड़ रुपये ठग लिए। पैसे हड़पने के बाद कंपनी ने वेबसाइट भी बंद कर दी। इस मामले में दिल्ली से सटे गाजियाबाद जिले के इंदिरापुरम क्षेत्र में दो आरोपियों को पीड़ितों ने पुलिस के हवाले किया है। आरोपियों तक पहुंचने के लिए पुलिस अब इस मामले में जांच कर रही है।
दरअसल देश में आरबीआई ने बैंकों पर बिटकॉइन से जुड़े सभी लेन-देन पर प्रतिबंध लगा रखा है। लेकिन फिर भी लोगों में इसे लेकर उत्सुकता बनी हुई है। आम लोग भले ही बिटकॉइन नहीं खरीद पा रहे हों लेकिन पैसे वाले भारतीय अन्य क्रिप्टोकरेंसी में अभी भी जम कर निवेश कर रहे है।
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क्रिप्टोकरेंसी है क्या
क्रिप्टोकरेंसी जैसे बिटकॉइन या रिपल एक डिजिटल मुद्रा या वचर्चुअल करेंसी है। इसे आप एक डिजिटल वॉलेट में रखते हैं। ये एक ओपन सोर्स है जिसे कोई भी इस्तेमाल कर सकता है। ना दिखने वाले वॉलेट से आप खर्च कैसे करेंगे? तो ये बड़ा ही आसान है। आपकी वर्चुअल मुद्रा को रुपये में बदलकर आपके बैंक अकाउंट में आप ट्रांसफर कर सकते हैं। इससे लोगों को काफी मुनाफा भी हुआ था जैसे शेयर्स को बेचकर आप मुनाफा कमाते हैं।
अब जानते हैं क्रिप्टोकरेंसी का कहां-कहां इस्तेमाल कर सकते हैं?
ऑनलाइन शॉपिंग, दुनिया में कहीं भी और कहीं से भी मनी ट्रांसफर, किसी भी तरह की पेंमेंट, किसी भी तरह के ऑनलाइन बिजनेस में, खरीद-फरोख्त के जरिए मुनाफा कमा सकते हैं।
भारत सरकार क्यों नहीं दे रही क्रिप्टोकरेंसी को मान्यता?
दरअसल बिटक्वाइन या रिपल जैसी वर्चुअल करेंसी का इस्तेमाल टेरर फंडिंग, स्मगलिंग, ड्रग्स और मनी लॉन्ड्रिंग जैसे गैर कानूनी कार्यों में हो सकता है।
ऐसा इसलिए क्योंकि इसका ट्रांजेक्शन पूरी तरह से इन्क्रिप्टेड होता है पैसा कहां से आ रहा है, किस कंपनी में जा रहा है इसकी कोई जानकारी नहीं होती। तो किसी फर्जीवाड़े की स्थिति में जांच एजेंसी या सरकार कोई कार्रवाई नहीं कर सकती और अपराधी पकड़ में नहीं आते। तो इस लिहाज से आरबीआई बिटकॉइन को चिट फंड से भी खतरनाक मानती है।
अभी तक कोई रेगुलेशन नहीं
बिटकॉइन, रिपल या दूसरी क्रिप्टोकरेंसी को नियंत्रण करने के लिए अब तक कोई रेगुलेटर नहीं हैं। न इस पर सरकार का नियंत्रण है और न ही रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया का। इसके अलावा इस पर सेबी (भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड) का भी कोई कंट्रोल नहीं है।
भारी उतार-चढ़ाव
क्रिप्टोकरेंसी में निवेश करना बहुत जोखिम भरा है क्योंकि इस वर्चुअल करेंसी में उतार-चढ़ाव बहुत ज्यादा है। रेगुलेशन न होने से इसमें बहुत ज्यादा उठापटक देखने को मिलती है। एक बिटकॉइन की कीमत डॉलर में गिनी जाती है इस लिए इसका असर अमेरिकी बाजार से लेकर भारतीय बाजार में भी होता है।
लेकिन जिस तरह से एक और क्रिप्टोकरेंसी में लोगों का पैसा डूबा है उससे साफ है कि भारत सरकार और आरबीआई के दिशा-निर्देश को न मान निवेशक धोखे का शिकार होंगे। और देश में क्रिप्टोकरेंसी को वैध करने की मांग को देखते हुए सरकार को पूरी तैयारी करनी होगी।