फॉक्सवैगन ने झूठ बोलकर बेच दी प्रदूषण फैलाने वाली 1.1 करोड़ कारें
दुनिया की दिग्गज कार निर्माता कंपनी फॉक्सवैगन ने माना है कि उसने खामियों वाली बात छिपाकर प्रदूषण मानकों पर खरी न उतरने वालीं करीब एक करोड़ 10 लाख कारें बेचीं।
कंपनी ने खुलासा किया है कि दुनिया भर में उसकी एक करोड़ 10 लाख कारें प्रभावित हो सकती हैं। इन कारों की कुल कीमत फॉक्सवैगन के कुल कारोबार की करीब एक तिहाई है। फॉक्सवैगन पर आरोप है कि उसने प्रदूषण जांच को चकमा देने वाला सॉफ्टवेयर लगाकर ये कारें बेचीं।
प्रदूषण जांच के दौरान यह सॉफ्टवेयर उत्सर्जन में कमी ला देता था लेकिन जांच पूरी होने के बाद उत्सर्जन बढ़ जाता था। अमेरिका में ही कंपनी ने करीब पांच लाख डीजल कारें इस सॉफ्टवेयर के साथ बेची हैं।
लग सकता है 18 अरब डॉलर का जुर्माना
इस धांधली के लिए कंपनी पर 18 अरब डॉलर तक का जुर्माना लगाए जाने की संभावना है। सूत्रों के मुताबिक, अमेरिका ने कंपनी के खिलाफ आपराधिक जांच शुरू की है।
साथ ही फ्रांस से लेकर दक्षिण कोरिया तक के अधिकारियों ने कहा है कि वह भी कंपनी के खिलाफ जांच करेंगे।
फॉक्सवैगन को अब कहना पड़ा है कि उसने इस मामले से निपटने के लिए करीब 6.5 अरब यूरो की रकम साल की तीसरी तिमाही में अलग से बचा कर रखी है। यह मामला सामने आने के बाद कंपनी के शेयरों में भारी गिरावट देखने को मिली है।
साथ ही दुनियाभर के शेयर बाजारों पर भी इस खबर का असर देखने को मिला है। खुलासे के बाद कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी को पद से हटाया जा सकता है। कंपनी ने अमेरिका में सभी डीजल कारों की बिक्री रोक दी है।