टाटा स्टील ने 4800 कर्मचारियों की यूनिट को महज 95 रुपए में बेचा
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टाटा स्टील ने ब्रिटेन के बिजनेस को बेचने का काम शुरू कर दिया है। कंपनी ने अपने बिजनेस की लॉन्ग प्रोडक्ट्स नाम की एक यूनिट को महज 1 पाउंड (करीब 95 रुपए) में ग्रेबुल नाम की निवेश फर्म को बेच दिया है।
दोनों कंपनियों के बीच यह सौदा सोमवार को हुआ है। आपको बता दें कि लॉन्ग प्रोडक्ट कंपनी के कारोबार में करीब 4,400 कर्मचारी ब्रिटेन और 400 कर्मचारी ब्रिटेन में काम करते हैं। इस कंपनी में रेलवे और कंस्ट्रक्शन के क्षेत्र के लिए स्टील बनाती है।
ग्रेबुल के साथ हुई इस डील में कपंनी की कई संपत्तियां शामिल हैं, जिसमें स्कनथोर्प की यूनिट, उत्तरी फ्रांस की मिलें, वर्किंगटन स्थित इंजीनियरिंग वर्कशॉप और यॉर्क में स्थित डिजाइन कंसल्टेंसी यूनिट शामिल है।
इसलिए महज 1 पाउंड में बेची कंपनी
रतन टाटा की अगुवाई में 2007 में भारतीय कंपनी ने कोरस स्टील को खरीदा था। यह डील 14 अरब डॉलर में हुई थी। जबसे टाटा ने इसे खरीदा था, तभी से लगातार यह कंपनी घाटे में चल रही थी। कंपनी के घाटे में चलने का मुख्य कारण चीन की तरफ से बनकर आने वाला सस्ता स्टील है। इससे न केवल टाटा कोरस को घाटा हुआ है, बल्कि लक्ष्मी निवास मित्तल की कंपनी आर्सेलर मित्तल को भी चीन ने परेशानी में डाल रखा है।
अब हर किसी के मन में ये सवाल उठ रहा है कि आखिर 4800 कर्मचारियों की लॉन्ग प्रोडक्ट्स यूनिट को महज 1 पाउंड में क्यों बेच दिया। दरअसल, इस डील में ग्रेबुल कंपनी ने लॉन्ग प्रोडक्ट्स की यूनिट के साथ-साथ कंपनी के करोड़ों के कर्ज की भी जिम्मेदारी ले ली है। यही कारण है कि महज 1 पाउंड यानी करीब 95 रुपए में ही ये यूनिट ग्रेबुल कंपनी को बेच दी गई है।