पांच माह के निचले स्तर पर पहुंचा टाटा मोटर्स का शेयर, 3680 करोड़ का हुआ घाटा
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देश की दिग्गज ऑटो कंपनियों में शुमार टाटा मोटर्स का शेयर गुरुवार को पांच माह के निचले स्तर पर पहुंच गया है। इसकी मुख्य वजह घाटा है, जिसकी घोषणा कंपनी ने कर दी है। कंपनी का घाटा बढ़कर के 3680 करोड़ रुपये हो गया है।
पांच फीसदी गिरा शेयर
कंपनी का शेयर पांच फीसदी गिरकर 143.75 रुपये पर बंद हुआ। यह इस साल 11 फरवरी के बाद सबसे निचला स्तर है। निवेशकों को उम्मीद है कि नतीजों में कंपनी को घाटा होने की उम्मीद है।
तीन हजार से ऊपर का घाटा नतीजे
कंपनी को पहली तिमाही में 3679.66 करोड़ रुपये का घाटा हुआ है। पिछले साल की पहली तिमाही में यह घाटा 1902 करोड़ रुपये था। वहीं आय में भी 14 फीसदी की गिरावट हो गई है। कंपनी की आय पहली तिमाही में 60830.16 करोड़ रुपये रही। साल दर साल के आधार पर पिछले साल कंपनी को 65,956.78 करोड़ रुपये की आय हुई थी।
जेएलआर का घाटा भी बढ़ा
कंपनी की लग्जरी कार निर्माण इकाई जेगुआर लैंड रोवर का घाटा इस साल की पहली तिमाही में 39.5 करोड़ पाउंड (34 अरब रुपये) हो गया है।
पिछले साल जेएलआर थी वजह
पिछले वित्त वर्ष की चौथी तिमाही में टाटा मोटर्स को बड़ा घाटा हुआ। कंपनी का शुद्ध लाभ 49 फीसदी घटकर केवल 1109 करोड़ रुपये रह गया। इस घाटे में मुख्य तौर पर जेगुआर लैंड रोवर के कारोबार से जुड़े कुछ विशेष प्रावधान रहे।
वित्त वर्ष 2017-18 की इसी तिमाही में कंपनी ने 2,175.16 करोड़ रुपये का एकीकृत शुद्ध लाभ कमाया था। कंपनी की कुल एकीकृत आय 87,285.64 करोड़ रुपये रही जो एक साल पहले 2017-18 की चौथी तिमाही में 91,643.44 करोड़ रुपये थी। इस तरह कंपनी की आय 4.75 फीसदी घटी। तिमाही के दौरान जेएलआर ने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति कार्यक्रम चलाया जिसके लिए 1,367.22 करोड़ रुपये के खर्च का विशेष प्रावधान करना पड़ा।
शुद्ध घाटा 28724 करोड़ रुपये
वित्त वर्ष 2018-19 में कंपनी को 28,724.20 करोड़ रुपये का एकीकृत शुद्ध घाटा हुआ जबकि इससे पूर्व 2017-18 वित्त वर्ष में 9,091.36 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था। इसमें मुख्य रूप से 27,837.91 करोड़ रुपये के निवेश के नुकसान का बड़ा हाथ है। कंपनी की कुल आय आलोच्य वित्त वर्ष में 3,04,903.71 करोड़ रुपये रही जो इससे पूर्व वित्त वर्ष 2017-18 में 2,96,298.23 करोड़ रुपये थी।